दिगंबर जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है कि परम पूज्य मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज वर्ष 2026 का वर्षायोग छह मुनियों के संघ के साथ कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर में करेंगे। इसकी घोषणा उन्होंने दिगंबर जैन मंदिर, विज्ञान नगर में आयोजित धर्मसभा के दौरान की। घोषणा होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई और पूरा परिसर जयघोषों से गूंज उठा।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने कहा कि वर्षायोग केवल धार्मिक प्रवास नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, धर्म साधना, स्वाध्याय और संस्कारों के संवर्धन का महापर्व है। उन्होंने बताया कि वर्षायोग के दौरान नियमित प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान, स्वाध्याय, तप एवं विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन होगा, जिससे समाज के सभी वर्गों को धर्मलाभ प्राप्त होगा।

मुनि श्री ने कहा कि वर्तमान समय में श्रवण कुमार जैसे संस्कार नई पीढ़ी में कम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति और भोगवादी जीवनशैली के बढ़ते प्रभाव के कारण संयुक्त परिवार व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। यदि परिवारों में संस्कारों का संरक्षण नहीं किया गया तो सामाजिक ताना-बाना और अधिक प्रभावित होगा।

उन्होंने परिवार व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज एक माता-पिता अनेक संतानों का पालन-पोषण कर लेते हैं, लेकिन अनेक संतानें मिलकर भी माता-पिता को बोझ समझने लगी हैं। मुनि श्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे श्रवण कुमार जैसे संस्कार अपनाएं, माता-पिता का सम्मान करें और भारतीय पारिवारिक मूल्यों को सहेजने का संकल्प लें।

महामंत्री अनिल ठोरा ने बताया कि वर्षायोग की घोषणा के बाद श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास के साथ मुनि श्री का स्वागत किया और पूरा वातावरण जयघोषों से गूंज उठा। वर्ष 2026 में रिद्धि-सिद्धि नगर में छह मुनियों के संघ के साथ होने वाला यह वर्षायोग धार्मिक साधना, स्वाध्याय और आध्यात्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे समाज के सभी वर्गों को धर्मलाभ प्राप्त होगा।

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