भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मानसून सत्र में एमएसपी की कानूनी गारंटी और नकली खाद, बीज तथा पेस्टिसाइड पर पूर्ण रोक लगाने के लिए बिल लाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से किसानों से किए गए वायदे को पूरा करने की अपील की है।

मनोज दुबे ने कहा कि संसद का मानसून सत्र इस वर्ष 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और निर्णय होने की उम्मीद है। ऐसे में सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी और नकली खाद, बीज तथा पेस्टिसाइड पर पूर्ण रोक लगाने वाले बिल को भी इसमें शामिल कर लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों की जायज मांगों को पूरा करे।

उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून और स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने से ही किसान खुशहाल होगा। वर्तमान समय में सभी फसलों की खरीदी में देरी और सीमित खरीद के कारण एमएसपी का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। एमएसपी की कानूनी गारंटी से हर किसान को पूरी फसल पर लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की कानूनी गारंटी होगी।

मनोज दुबे ने कहा कि जब किसान की फसल तैयार होती है तो मंडी में फसल का भाव इतना गिर जाता है कि लागत भी नहीं निकलती। वहीं किसान जब अपनी फसल बेच देता है तो उसी फसल का दाम आढ़तिए आसमान पर चढ़ा देते हैं। किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए एमएसपी ही एक रास्ता है।

उन्होंने कहा कि एमएसपी को गारंटी कानून बनाए बिना किसान को उसका हक नहीं मिल सकता। देश के किसान लागत+50% मुनाफे के नाम पर ठगे जा रहे हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एमएसपी की मांग को लेकर किसान आंदोलन में 750 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं।

मनोज दुबे ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून न केवल देश के किसानों को मजबूती देगा, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत को कृषि क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा। आत्मनिर्भर किसान ही आत्मनिर्भर भारत की असली नींव है। एमएसपी की कानूनी गारंटी के बिना किसानों की आय दोगुनी होना संभव नहीं है। ऐसे में एमएसपी की कानूनी गारंटी ही किसानों को सम्बल दे सकती है।

उन्होंने सरकार से मानसून सत्र में एमएसपी की कानूनी गारंटी का बिल लाकर किसानों पर लगातार बढ़ते कर्ज और फसलों का उचित दाम नहीं मिलने से परेशान किसानों को राहत देने की मांग की है। मनोज दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि मानसून सत्र में अगर एमएसपी की कानूनी गारंटी का बिल नहीं लाया गया तो राजस्थान सहित पूरे देश में बड़ा किसान आंदोलन होगा।

मनोज दुबे ने कहा कि किसान देश में नकली खाद, नकली बीज और नकली पेस्टिसाइड से बंजर होते खेत एवं इसकी वजह से कम होती उपज से भी भारी परेशानी में है। उन्होंने कहा कि किसान की सबसे बड़ी समस्या घटिया खाद, बीज और नकली कीटनाशकों से होने वाला नुकसान है। अमानक खाद, बीज और कीटनाशक बनाने एवं बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि नकली खाद, बीज और कीटनाशक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए मानसून सत्र में बिल लाकर कड़े कानून बनाए जाएं, ताकि नकली खाद, बीज एवं नकली पेस्टिसाइड माफियाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

Pratahkal Bureau

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