कोटा, 28 अक्टूबर। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में किसान हितैषी है, तो उसे एमएसपी की कानूनी गारंटी देकर किसानों से किया गया वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने एमएसपी से कम कीमत पर फसल खरीदने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का नियम बनाने की मांग भी की, ताकि कानूनी गारंटी के अभाव में किसानों के साथ हो रही लूट पर अंकुश लगाया जा सके।

मनोज दुबे ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में किसानों के हित में काम कर रही है, तो वह किसानों को एमएसपी की लीगल गारंटी क्यों नहीं देती? उन्होंने कहा कि महंगी खाद, महंगे बीज, महंगा डीजल-पेट्रोल, महंगी सिंचाई और महंगी बिजली के कारण कृषि लागत आसमान छू रही है। इसके बावजूद किसान एमएसपी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उचित समर्थन मूल्य नहीं मिलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं होने के कारण अन्नदाता अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।

किसान नेता ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन खेती की लागत और महंगाई दोगुनी हो गई। खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और उर्वरक समेत कृषि से जुड़ी सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं, जबकि किसानों को अपनी लागत तक नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलिए किसानों की फसल औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं।

मनोज दुबे ने भाजपा के कुशासन का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान खून के आंसू रो रहा है। उनके अनुसार, किसानों को न बिजली मिल रही है, न फसलों की सिंचाई के लिए पानी, न खाद और न बीज। किसानों को फसलों का उचित समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिला और किसानों की कर्जमाफी भी नहीं हुई।

मनोज दुबे ने इन परिस्थितियों में सरकार से किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देकर राहत प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एमएसपी से नीचे खरीद करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अभाव में हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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