कोटा: एम एस चौहान के रोड स्कूल से 1 लाख बच्चों को मिलेगी शिक्षा
राज भंवर वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा संचालित रोड स्कूल अभियान के जरिए घुमंतू और वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
एम एस चौहान का रोड स्कूल आंदोलन और बदलता बचपन
घुमंतू परिवारों के लिए एक अभिनव सामाजिक पहल
कोटा। सुबह की हल्की धूप, सड़क किनारे बिछी चटाइयाँ, दीवार से टिकाया गया ब्लैकबोर्ड और आँखों में चमक लिए कुछ नन्हे बच्चे—यह कोई साधारण दृश्य नहीं है। यह उस शिक्षा आंदोलन की तस्वीर है, जिसने यह साबित कर दिया है कि स्कूल केवल चार दीवारों में ही नहीं, बल्कि वहाँ भी पनप सकता है जहाँ उम्मीदें सबसे कमजोर मानी जाती हैं।
इस आंदोलन के सूत्रधार हैं शिक्षाविद् एवं समाजसेवी एम एस चौहान, जिनकी सोच ने आज हज़ारों बच्चों के भविष्य की दिशा बदल दी है। उनके मार्गदर्शन में संचालित राज भंवर वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा चलाया जा रहा रोड स्कूल अभियान कोटा ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन चुका है।
जहाँ सड़क बनी कक्षा, और ज़िंदगी बना पाठ्यक्रम
घुमंतू, प्रवासी और सड़क किनारे जीवन जी रहे बच्चों के लिए शिक्षा एक सपना भर थी। गरीबी, पलायन और अस्थिर जीवन ने उन्हें स्कूल से दूर कर दिया था। ऐसे में एम एस चौहान ने एक सरल लेकिन क्रांतिकारी विचार रखा:
"अगर बच्चा स्कूल तक नहीं पहुँच सकता, तो स्कूल को बच्चे तक पहुँचाया जाए।"
यही विचार रोड स्कूल मॉडल की नींव बना। बिना किसी भव्य भवन के, लेकिन मजबूत संकल्प के साथ सड़क किनारे कक्षाएँ शुरू हुईं—जहाँ बच्चों को अक्षरज्ञान के साथ-साथ जीवन जीने की सीख भी दी जाने लगी।
1,00,000 बच्चों तक शिक्षा का लक्ष्य
यह अभियान किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य है 1,00,000 वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना। रोड स्कूल बच्चों को केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं सिखाते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, नैतिक मूल्य और रचनात्मकता का विकास भी करते हैं।
नक्षत्र रोड स्कूल: उम्मीदों का नया केंद्र
हाल ही में शुरू हुआ रोड स्कूल नंबर–7 ‘नक्षत्र रोड स्कूल’, इस आंदोलन की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है। राज भंवर वेलफेयर ट्रस्ट के सहयोग और टीम नक्षत्र के प्रायोजन से संचालित यह रोड स्कूल बच्चों को खुले वातावरण में गरिमा के साथ सीखने का अवसर प्रदान कर रहा है। यहाँ पढ़ाई किताबों तक सीमित नहीं है—कहानी, चित्र, गीत और संवाद के माध्यम से शिक्षा बच्चों के जीवन से जुड़ती है।
सात रोड स्कूल, सात बदलती कहानियाँ
आज एम एस चौहान के नेतृत्व में कोटा में संचालित रोड स्कूलों की संख्या सात तक पहुंच चुकी है:
- रोड स्कूल नंबर–1 (आर बी एस-01): श्रीनाथपुरम
- रोड स्कूल नंबर–2 (आर बी एस-02): परशुराम वाटिका, कोटा
- रोड स्कूल नंबर–3: अनार सिंह रोड स्कूल, घटोत्कच सर्किल
- रोड स्कूल नंबर–4: माता तेजिंदर कौर रोड स्कूल, डीसीएम रोड
- रोड स्कूल नंबर–5: शौर्यवीर रोड स्कूल, श्रीनाथपुरम
- रोड स्कूल नंबर–6: स्व. सरोजिनी जायसवाल रोड स्कूल, कुन्हाड़ी
- रोड स्कूल नंबर–7: नक्षत्र रोड स्कूल
हर रोड स्कूल अपने साथ कई बदली हुई ज़िंदगियों की कहानी समेटे हुए है—जहाँ कभी बाल श्रम की आशंका थी, वहाँ अब कॉपी-पेंसिल और सपने हैं।
2012 से समाज सेवा की निरंतर यात्रा
वर्ष 2012 से राज भंवर वेलफेयर ट्रस्ट शिक्षा के साथ-साथ बाल कल्याण, भोजन वितरण, वस्त्र सहायता और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। प्रत्येक रोड स्कूल में ब्लैकबोर्ड, स्टेशनरी, बैठने की चटाइयाँ और शिक्षक सहयोग की व्यवस्था यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी संकल्प को रोक नहीं सकती।
‘यह दान नहीं, राष्ट्र निर्माण है’
एम एस चौहान का मानना है:
"यह दान नहीं है, यह राष्ट्र निर्माण है। जब हम एक बच्चे को पढ़ाते हैं, तो हम एक बेहतर समाज की नींव रखते हैं।"
उनकी यह सोच रोड स्कूल आंदोलन को केवल सामाजिक पहल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बनाती है। राज भंवर वेलफेयर ट्रस्ट ने सीएसआर संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से आगे आकर इस अभियान से जुड़ने की अपील की है, ताकि और अधिक रोड स्कूल स्थापित हो सकें और शिक्षा की यह रोशनी हर कोने तक पहुँच सके।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
