कोटा: जेईई एडवांस्ड 2026 से पहले मोशन एजुकेशन ने आयोजित की विशेष मॉकड्रिल
विश्वकर्मा नगर की डीकेडी लैब में आयोजित इस अभ्यास परीक्षा में सैंकड़ों विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड के वास्तविक प्रारूप और समय प्रबंधन का अनुभव लिया।

कोटा के विश्वकर्मा नगर स्थित डीकेडी लैब में जेईई एडवांस्ड मॉकड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते मोशन एजुकेशन के संस्थापक नितिन विजय।
कोटा। देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2026 से पहले विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव देने के उद्देश्य से मोशन एजुकेशन ने गुरुवार को विशेष मॉकड्रिल आयोजित की। विश्वकर्मा नगर स्थित डीकेडी लैब में आयोजित इस अभ्यास परीक्षा में सैंकड़ों विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और पूरे दिन जेईई एडवांस्ड के वास्तविक प्रारूप में परीक्षा देकर समय प्रबंधन, मानसिक दबाव और परीक्षा रणनीति का अभ्यास किया।
मॉकड्रिल के तहत पहला पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित किया गया। रिपोर्टिंग टाइम, सिटिंग अरेंजमेंट, सिस्टम लॉगिन, परीक्षा निर्देश, पेपर पैटर्न और टाइम प्रेशर सहित हर पहलू को वास्तविक परीक्षा की तर्ज पर रखा गया ताकि विद्यार्थियों को एग्जाम डे का सटीक अनुभव मिल सके।
सुबह 8 बजे फैकल्टी टीम ने विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया और “बेस्ट ऑफ लक” कहकर उनका उत्साहवर्धन किया। परीक्षा समाप्ति के बाद शाम को फैकल्टी टीम ने विद्यार्थियों से फीडबैक लिया तथा उनकी कमजोरियों और सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि जेईई एडवांस्ड केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि गति, सटीकता, धैर्य, रणनीति और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा है। उन्होंने कहा कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड में सफलता उन्हीं विद्यार्थियों को मिलती है, जो तीन-तीन घंटे के दोनों पेपरों में स्मार्ट निर्णय लेते हैं और दबाव में शांत रहते हैं।
उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में हर वर्ष सवालों का पैटर्न बदल सकता है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के सवालों में मल्टीपल चॉइस, मल्टी-करेक्ट, न्यूमेरिकल वैल्यू और मैच द फॉलोइंग जैसे प्रारूप शामिल हो सकते हैं। साथ ही अलग-अलग सेक्शन में नेगेटिव मार्किंग का पैटर्न भी भिन्न हो सकता है, इसलिए निर्देशों को ध्यान से पढ़ना बेहद आवश्यक है।
विद्यार्थियों को अंतिम समय की तैयारी के लिए सुझाव देते हुए नितिन विजय ने कहा कि अब नई चीजें पढ़ने का समय नहीं है। इस समय केवल रिवीजन, फॉर्मूला रिकॉल और एग्जाम स्ट्रेटेजी पर फोकस करना चाहिए। मजबूत टॉपिक्स से अधिकतम स्कोर निकालने की योजना बनानी चाहिए और कमजोर विषयों में बेसिक कॉन्सेप्ट्स दोहराने चाहिए। उन्होंने कहा कि मॉक टेस्ट के विश्लेषण से अपनी गलतियों को पहचानकर उसी आधार पर रणनीति तैयार करना सफलता की कुंजी है।
जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी ने कहा कि परीक्षा के दौरान पहले आसान प्रश्न हल करना और कठिन प्रश्नों को बाद के लिए छोड़ना बेहतर रणनीति है। वहीं डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव ने बताया कि मॉकड्रिल की उत्तर कुंजी जारी कर विद्यार्थियों को विस्तृत परफॉर्मेंस एनालिसिस उपलब्ध कराया जाएगा।
विद्यार्थी भानुप्रताप सिंह ने कहा कि इस मॉकड्रिल ने उन्हें पहली बार असली परीक्षा जैसा दबाव महसूस कराया। इससे उन्हें समझ आया कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि समय प्रबंधन और मानसिक नियंत्रण भी उतना ही जरूरी है। मोशन एजुकेशन की यह पहल विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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