अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और फादर्स डे के अवसर पर मोशन एजुकेशन के फाउंडेशन डिवीजन द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का ऐसा संदेश दिया, जिसने प्रतिभागियों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। द्रोणा-2 कैंपस में आयोजित ‘माय सुपर हीरो, माय डैड’ थीम आधारित इस आयोजन में योग और पारिवारिक संबंधों की गरिमा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

रविवार सुबह 6 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों की कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थी अपने पिता के साथ बड़ी संख्या में शामिल हुए। उद्घाटन समारोह, दीप प्रज्वलन और योग गुरु के स्वागत के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर योग गुरु रामपाल ने वर्तमान समय की बदलती जीवनशैली के बीच परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने और योग को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय भी उपस्थित रहे।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि आयोजन का मुख्य आकर्षण सामूहिक योग एवं ध्यान सत्र रहा। लगभग एक घंटे तक चले इस विशेष सत्र में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षक रामपाल और उनकी टीम के निर्देशन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। पिता और बच्चों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बच्चों के जीवन में पिता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पिता केवल परिवार के संरक्षक नहीं, बल्कि बच्चों के पहले प्रेरणास्रोत और जीवन के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उनके संघर्ष, त्याग और मार्गदर्शन का प्रभाव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

योग सत्र के साथ-साथ आयोजन में पारिवारिक जुड़ाव को मजबूत करने वाली कई रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। ‘सुपर डैड चैलेंज’ में चिराग अरोड़ा और रामावतार प्रजापति विजेता रहे, जबकि बच्चों के लिए आयोजित ‘संतुलन चैलेंज’ में पलक चलंगे, यश कश्यप और कार्तिक जोनवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजय हासिल की।

फादर्स डे को विशेष बनाने के उद्देश्य से ‘माय सुपर हीरो, माय डैड’ विषय पर रील एवं लघु निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपने पिता से जुड़े प्रेरक अनुभवों, संघर्षों और जीवन में मिले मार्गदर्शन को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। निबंध प्रतियोगिता में अरहान अंसारी, नयन गुप्ता और राघव विश्वास विजेता रहे, जबकि रील प्रतियोगिता में वैभव गुप्ता, किंजल और गौरव वर्मा ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों में रचनात्मकता के साथ सहयोग और आपसी समझ की भावना को भी प्रोत्साहित किया।

इसके अतिरिक्त ‘डांस, फ्रीज एंड योगा’ जैसे मनोरंजक सत्रों ने पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। पिता और बच्चों के यादगार पलों को संजोने के लिए विशेष ‘फादर-चाइल्ड मोमेंट कैप्चर’ गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने क्यूआर स्कैन के माध्यम से अपनी तस्वीरें और अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को सात दिवसीय डेमो कक्षाओं, विशेषज्ञ शैक्षणिक काउंसलिंग और छात्रवृत्ति अवसरों की जानकारी भी प्रदान की गई। यह आयोजन केवल योग दिवस और फादर्स डे का उत्सव नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, पारिवारिक मूल्यों और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूकता का एक प्रेरक संदेश बनकर सामने आया।

Pratahkal Bureau

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