कोटा। शासकीय कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी उपयोग को लेकर पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल की पहल पर एनटीपीसी अंता में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की छह-माही बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक, कोटा श्री अनिल कालरा ने की, जिसमें रेलवे सहित कुल 42 केंद्रीय सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। यह बैठक हिंदी के प्रचार-प्रसार को नई दिशा देने और प्रशासनिक कार्यों में इसके सशक्त क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।

बैठक के दौरान राजभाषा हिंदी के विकास, कार्यालयीन कार्यों में इसके प्रयोग तथा तकनीकी नवाचारों के माध्यम से हिंदी को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री सौरभ जैन ने बताया कि अधिकारियों ने हिंदी के उपयोग को बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही नई कार्यप्रणालियों, डिजिटल माध्यमों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर अपने अनुभव साझा किए। चर्चा का केंद्र बिंदु यह रहा कि हिंदी केवल औपचारिक भाषा न होकर कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बने।

इस अवसर पर अखिल भारतीय हिंदी निबंध प्रतियोगिता के दस विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों में हिंदी के प्रति रचनात्मक अभिरुचि को प्रोत्साहन मिला। राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए केंद्र सरकार कार्यालय वर्ग की राजभाषा दक्षता चल शील्ड भारी पानी संयंत्र, रावतभाटा को तथा निगम-उपक्रम कार्यालय वर्ग की राजभाषा दक्षता शील्ड एनटीपीसी अंता को प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता के अंतर्गत तृतीय संयुक्त पुरस्कार मंडल कार्यालय कोटा के वरिष्ठ स्टेनोग्राफर श्री सुरेंद्र कुमार विश्वकर्मा को प्रदान किया गया, जिनके योगदान की उपस्थित अधिकारियों ने सराहना की।

बैठक में एनटीपीसी अंता के मुख्य महाप्रबंधक श्री अनिल बाजवा, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री योगेश कुमार मित्तल, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री राजकुमार प्रजापति तथा न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन रावतभाटा के राजस्थान साइट डायरेक्टर श्री हर्ष लाल सहित अनेक केंद्रीय कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्यालयों से आह्वान किया गया कि वे आपसी समन्वय और सतत प्रयासों के माध्यम से राजभाषा हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने और शासकीय कार्यों में इसके व्यापक उपयोग को सुनिश्चित करें। यह बैठक न केवल एक औपचारिक आयोजन रही, बल्कि हिंदी को प्रशासनिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बनी।

Pratahkal Bureau

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