खीरा सब्सिडी विवाद: मनोज दुबे ने केंद्रीय मंत्री भगीरथ चौधरी का इस्तीफा मांगा
भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पर 99.6 लाख रुपये की सब्सिडी में घोटाले का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी के खीरे की खेती के नाम पर 99.6 लाख रुपये की खीरा सब्सिडी के कथित "महाघोटाले" का तीव्र विरोध करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
मनोज दुबे ने कहा कि पहले अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर में चंदा चोरी, फिर महाकाल की नगरी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़े "लैंड स्कैम" और अब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी पर खीरा सब्सिडी में "घोटाले" के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि डबल इंजन की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अब डबल हो गया है।
उन्होंने कहा कि "ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा" का वादा करने वाले प्रधानमंत्री आज अपनी ही पार्टी के नेताओं पर लगे गंभीर आरोपों पर पूरी तरह मौन क्यों हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह मौन भ्रष्टाचार की स्वीकृति और संरक्षण का प्रमाण नहीं है।
मनोज दुबे ने कहा कि एक ओर देश का गरीब किसान अपने अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक जाता है, जबकि दूसरी ओर सत्ता से जुड़े लोगों की भ्रष्टाचार संबंधी फाइलें बुलेट ट्रेन की रफ्तार से आगे बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि क्या केंद्रीय भाजपा नेतृत्व इन मामलों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराएगा या फिर हमेशा की तरह जनता का ध्यान भटकाकर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक ओर देश का किसान बढ़ते कर्ज से परेशान है और खाद-बीज के लिए भारी संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री किसानों के हक की सब्सिडी लूटकर किसानों के हितों पर कुठाराघात कर रहे हैं। उन्होंने इसे घोर निंदनीय और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी को लेकर लगाए गए इन आरोपों और इस्तीफे की मांग के साथ भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
