कोटा, 24 जुलाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज दुबे ने देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने, पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण देने और करोड़ों छात्रों एवं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पेपर लीक के लिए जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया।

मनोज दुबे ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाटने वाले भ्रष्ट एवं अयोग्य शिक्षा मंत्री को कुर्सी पर एक पल भी बैठने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के सपनों का सौदा करने वाले मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बजाय उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान पर कार्रवाई करने से पूरी भाजपा घबरा क्यों रही है।

उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों छात्र और युवा भाजपा सरकार से केवल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं, कोई दिल्ली का ताज नहीं मांग रहे हैं। उनके अनुसार, पिछली सरकारों में मंत्रियों के लिए नैतिकता पद से अधिक महत्वपूर्ण होती थी, जबकि आज भाजपा सरकार में पद बड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पिछले 12 वर्षों के कुशासन में मंत्रियों पर बड़े से बड़े आरोप लगने के बावजूद आज तक एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया।

मनोज दुबे ने कहा कि भाजपा की तानाशाह सरकार ने अन्याय और अत्याचार की सारी सीमाएं लांघते हुए ऐसी व्यवस्था को जन्म दिया है, जिसमें बर्बरता और केवल दमनचक्र का बोलबाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए लोकतांत्रिक आवाज़ों को भी लाठियों और गोलियों से कुचलने पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले छात्रों को बुरी तरह पीटा, फिर भाजपा नेताओं ने उन्हें 'भाड़े का टट्टू' और 'पत्थरबाज' कहा तथा अब भाजपा द्वारा उन्हें 'छात्रों के भेष में भेड़िया' बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में भाजपा जिस छात्र और युवाशक्ति को गाली दे रही है, देश के यही छात्र और युवा भाजपा सत्ता के अहंकार का अतिशीघ्र अंत करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह याद रखना चाहिए कि इतिहास गवाह है, जब-जब इस देश का युवा अपने भविष्य और अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरा है, तब-तब सत्ता के सिंहासन हिल गए हैं। उन्होंने कहा कि लाठियां और गोलियां युवाओं की आवाज़ को डरा नहीं सकतीं और न ही उनके हौसलों को तोड़ सकती हैं। मनोज दुबे ने आरोप लगाया कि छात्रों एवं युवाओं के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं, जिससे पूरे देश में छात्रों और युवाओं में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आज देश का छात्र और युवा सड़कों पर है तथा छात्रों और युवाओं की आवाज़ लाठी-गोली से दबाई नहीं जा सकती। उनके अनुसार, उनके भविष्य और अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

Pratahkal Newsroom

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