मुख्य सचिव मंजू राजपाल ने कोटा के जैविक कृषि अनुसंधान केंद्र का किया निरीक्षण
राजस्थान की कृषि मुख्य सचिव मंजू राजपाल ने जाखोड़ा स्थित श्रीरामशांताय केंद्र में गौ-आधारित जैविक खेती के मॉडलों और निशुल्क प्रशिक्षण कार्यों का जायजा लिया।

कोटा के जाखोड़ा स्थित श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र में निरीक्षण के दौरान (बाएं से दाएं) मुख्य सचिव मंजू राजपाल, संस्थान के वैज्ञानिक पवन कुमार टांक और संस्थान के निदेशक ताराचंद गोयल चर्चा करते हुए।
राजस्थान सरकार के कृषि एवं बागवानी विभाग की मुख्य सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने बुधवार को कोटा जिले के जाखोड़ा स्थित गोयल ग्रामीण विकास संस्थान के ‘श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र’ का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने केन्द्र में संचालित गौ-आधारित जैविक खेती, नवीन कृषि प्रयोगों और अनुसंधान कार्यों का गहन अवलोकन किया तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में इन प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
केन्द्र पहुंचने पर संस्थान के निदेशक ताराचंद गोयल ने मुख्य सचिव का पारंपरिक रूप से स्वागत किया और उन्हें केन्द्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मंजू राजपाल ने केन्द्र में तैयार किए जा रहे गौ-आधारित जीवामृत, घनजीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशकों की निर्माण प्रक्रिया को देखा। उन्होंने परिसर में विकसित विभिन्न फसलों, फलदार पौधों और औषधीय खेती के मॉडलों का अवलोकन करते हुए उनके प्रयोगात्मक स्वरूप की सराहना की।
मुख्य सचिव मंजू राजपाल ने कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार क्षीण हो रही है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में श्रीरामशांताय केन्द्र द्वारा किए जा रहे गौ-आधारित जैविक अनुसंधान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास किसानों की लागत कम करने और उनकी आय दोगुनी करने में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने संस्थान द्वारा किसानों को दिए जा रहे निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयासों से प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान संस्थान के निदेशक ताराचंद गोयल ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि संस्थान का उद्देश्य हाड़ौती सहित पूरे राजस्थान के किसानों को आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ाना है।
दौरे के अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक पवन कुमार टांक, विभाग के स्थानीय वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान भी उपस्थित रहे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जाखोड़ा स्थित यह केन्द्र प्रदेश में गौ-आधारित जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि अनुसंधानों का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है, जिससे किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती का नया विकल्प मिल सकेगा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
