भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर समूचे विश्व को सत्य और करुणा का संदेश देते हुए मुनि पुंगव श्री सुधा सागर बालिका छात्रावास की अध्यक्ष अर्चना (रानी) जैन सर्राफ ने समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। उन्होंने इस विशेष दिन की महत्ता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि भगवान महावीर द्वारा प्रतिपादित सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह और करुणा के अमूल्य संदेश केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आत्मशुद्धि के वे मार्ग हैं जो एक आदर्श समाज की रचना करते हैं। जैन धर्म सदियों से अहिंसा, संयम और समस्त जीव मात्र के प्रति अटूट दया भाव का संचार करता आया है, जो वर्तमान युग में और भी प्रासंगिक हो गया है।

श्रीमती सर्राफ ने वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि सच्ची प्रगति केवल भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों के अडिग पालन में ही निहित है। वर्तमान समय में जब विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष, अशांति और युद्ध जैसी विषम परिस्थितियाँ व्याप्त हैं, तब भगवान महावीर के आदर्शों की सार्थकता अत्यधिक बढ़ जाती है। उन्होंने बलपूर्वक यह आह्वान किया कि हर प्रकार के विवाद और युद्ध का समाधान केवल और केवल अहिंसा के मार्ग से ही खोजा जाना चाहिए। इस पुनीत अवसर पर उन्होंने प्रार्थना की कि पूरे विश्व से हिंसा का समूल अंत हो और सर्वत्र शांति, प्रेम एवं सह-अस्तित्व की भावना का विस्तार हो। अंत में, उन्होंने सभी से इन दिव्य उपदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

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