कोटा। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आत्मचिंतन, आस्था और प्रेरणा का पावन अवसर है। श्री सकल दिगंबर जैन समाज समिति कोटा के प्रचार-प्रसार मंत्री, जैन पत्रकार महासंघ के जिला संयोजक एवं दिगंबर जैन मंदिर महावीर नगर विस्तार योजना के महामंत्री पारस कुमार जैन ने इस गौरवमयी दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महावीर स्वामी का जीवन त्याग, तपस्या और आत्मसंयम की एक अद्वितीय मिसाल है, जो वर्तमान युग में समाज को नैतिकता और सदाचार की नई दिशा प्रदान करता है।

भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह जैसे शाश्वत सिद्धांतों के माध्यम से विश्व को शांति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था कि प्रत्येक जीव के प्रति करुणा और दया का भाव रखना ही सच्चा धर्म है। विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और शांति का मार्ग न छोड़ने वाले महावीर स्वामी की शिक्षाएं आज के संघर्षपूर्ण समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। वर्तमान में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता के बीच उनके विचारों का अनुसरण कर समाज में सौहार्द स्थापित किया जा सकता है।

यह पावन पर्व व्यक्ति को आत्मशुद्धि और आत्मविकास के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। पारस कुमार जैन ने समाज से आह्वान किया कि इस जन्म कल्याणक पर हमें भगवान महावीर के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को उन्नति की ओर ले जाया जा सकता है। वास्तव में, महावीर स्वामी के उपदेशों में ही मानवता के कल्याण का मार्ग निहित है, जो हमें श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

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