कोटा, 18 सितंबर। आईआईटीयन लेखक प्रशांत जैन द्वारा लिखित पुस्तक “महावीर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक” का विमोचन समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य प्रबुद्धजनों एवं अतिथियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में भगवान महावीर के दर्शन, अहिंसा, करुणा, सहअस्तित्व और आधुनिक तकनीक के बीच संबंधों पर विचार रखे गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वर्धमान ओपन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर बीएल वर्मा ने पुस्तक के प्रति अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें शाश्वत सिद्धांतों की बहुत सुंदर और प्रासंगिक विवेचना की गई है। उन्होंने कहा कि समाज को प्रगति पथ पर आगे ले जाने में “जीओ और जीने दो” की भावना वैश्विक शांति का महामंत्र बन सकती है।

समारोह में उपस्थित सकल जैन समाज कोटा की संघ संयोजिका रेखा हिंगड़ ने कहा कि किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति का मन दुखी न हो, यही जीवन का सबसे बड़ा सिद्धांत है। उन्होंने समाज में संवेदनशीलता और करुणा की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सुसंस्कृत बनाने और अपनी समृद्ध परंपरा एवं संस्कृति को महत्व देने के संस्कार दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया की तमाम समस्याओं का समाधान केवल शांति और अहिंसा के मार्ग पर ही संभव है। आज के समय में सिद्धांतों को जीवन में उतारकर हिंसा व आतंकवाद जैसी समस्याओं को दूर करने की दिशा में गंभीर पहल होनी चाहिए।

आईपीएस अधिकारी प्रवीण जैन ने कहा कि मूल सिद्धांतों के अभाव में तकनीक का अति-उपयोग और हिंसा पूरे विश्व को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी एक दृष्टिकोण पूर्णतः सत्य नहीं हो सकता, इसलिए हमें अनेकांत और सहअस्तित्व के भाव को अपनाना होगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महावीर स्वामी के दर्शन को अपनाकर ही यह धरती और मानवता सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने कहा कि अहिंसा, करुणा और मैत्री का यह पावन दर्शन ही विश्व को विश्व-बंधुत्व की दिशा में ले जा सकता है।

पुस्तक के लेखक प्रशांत जैन ने बताया कि उनकी यह पुस्तक “शाश्वत सिद्धांतों से आधुनिक युग के लिए मार्गदर्शन” के विचार पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पुस्तक में आधुनिक मानव के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शन है, जो ज्ञान, नैतिकता और तकनीक के समन्वय से एक बेहतर मानवता, बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक प्रकाश जैन पालरेचा ने उपस्थित सभी अतिथियों, गणमान्य नागरिकों एवं प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त किया। इस तरह समारोह में पुस्तक के माध्यम से महावीर के शाश्वत सिद्धांतों और आधुनिक तकनीक के दौर में उनकी प्रासंगिकता पर विचार सामने रखे गए।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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