कोटा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गूंज उस समय वातावरण में फैल गई जब पातंजलि योग समिति, कोटा द्वारा वसंत विहार स्थित योग कक्षा में श्रद्धा और सम्मान के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन, संघर्ष, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति अद्वितीय समर्पण को स्मरण किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पातंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी अरविंद पांडे, मुख्य संरक्षक ईश्वरलाल सैनी, जिला प्रभारी लक्ष्मण सिंह, संयोजक प्रदीप शर्मा, महिला प्रभारी उर्मिला व्यास, वरिष्ठ योग साधक सत्यनारायण गोचर, शंकरलाल नागर सहित बड़ी संख्या में योग साधक, योग शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति और गौरव की भावना से ओतप्रोत रहा।

वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन को केवल इतिहास का गौरवशाली अध्याय न बताते हुए उसे आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव की जीवंत प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने अपने सिद्धांतों, संस्कृति और मातृभूमि के सम्मान से कभी समझौता नहीं किया। उनका जीवन संघर्ष, धैर्य, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

मुख्य संरक्षक ईश्वरलाल सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित, सामाजिक उत्तरदायित्व और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान और स्वाधीनता से समझौता नहीं करना चाहिए।

राज्य प्रभारी अरविंद पांडे ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के ऐसे महानायक हैं, जिनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष सत्य, साहस और राष्ट्रप्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित योग साधकों एवं शिक्षकों ने महाराणा प्रताप के जीवन प्रसंगों पर विस्तार से चर्चा की और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में देशभक्ति का वातावरण गहराई से महसूस किया गया और अंत में सभी ने महाराणा प्रताप के जयघोष के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का समापन सत्यनारायण गोचर द्वारा सभी अतिथियों, योग साधकों और शिक्षकों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ किया गया। अंत में “वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के गगनभेदी नारों के साथ आयोजन का समापन हुआ, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति की भावना से भर दिया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story