कोटा। चिकित्सा जगत में निरंतर हो रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों के समन्वय को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), कोटा द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में कोटा के करीब 130 वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सकों ने शिरकत की। इस कार्यशाला का मुख्य ध्येय चिकित्सकों को चिकित्सा विज्ञान की उन नवीन पद्धतियों से अवगत कराना था, जो भविष्य में उपचार की दिशा और दशा बदलने वाली हैं। कार्यक्रम के माध्यम से विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीक का समावेश न केवल जटिल सर्जरी को सुलभ बना रहा है, बल्कि रोगी की जीवन प्रत्याशा को भी बढ़ा रहा है।

कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ आईएमए कोटा के सचिव डॉ. मनीष बोहरा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित अतिथियों और विषय विशेषज्ञों का अभिनंदन करते हुए चिकित्सा शिक्षा के सतत विकास पर बल दिया। कार्यक्रम की बौद्धिक चर्चाओं की श्रृंखला में जयपुर से पधारे सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. समीन शर्मा ने समां बांध दिया। डॉ. शर्मा ने हृदय रोग विज्ञान के क्षेत्र में वर्तमान में चर्चित दस प्रमुख और ज्वलंत विषयों पर अपना विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे बदलती जीवनशैली के बीच हृदय रोगों का प्रबंधन अब पहले से कहीं अधिक सटीक और तकनीकी रूप से उन्नत हो चुका है। इसी क्रम में डॉ. अजीत बाना ने कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में हो रही क्रांतिकारी प्रगति और विकसित होते नए आयामों पर अपने शोधपरक विचार साझा किए।

मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी गंभीर स्थितियों पर चर्चा करते हुए डॉ. सुरेश गुप्ता ने 'स्ट्रोक' जैसे विषय पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने स्ट्रोक के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, उसके तत्काल उपचार और दीर्घकालिक रोकथाम की रणनीतियों को चिकित्सकों के समक्ष प्रस्तुत किया। श्वसन रोगों की जटिलताओं पर बोलते हुए डॉ. के.के. शर्मा ने आधुनिक डायग्नोस्टिक टूल्स और उपचार तकनीकों की महत्ता बताई। वहीं, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर डॉ. कपिलेश्वर विजय ने रोबोटिक सर्जरी की उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पेट संबंधी रोगों में रोबोटिक सर्जरी किस तरह से न्यूनतम चीरा और अधिकतम सटीकता सुनिश्चित कर रही है, जो भविष्य की सर्जरी के लिए एक मील का पत्थर है।

समारोह के समापन सत्र में आईएमए कोटा के अध्यक्ष डॉ. के. श्रृंगी ने उपस्थित सभी वक्ताओं को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सभी सहभागी चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं चिकित्सा समुदाय के ज्ञानवर्धन के लिए अनिवार्य हैं। अंततः, यह आयोजन कोटा के चिकित्सा परिदृश्य में एक नई ऊर्जा फूंकने वाला साबित हुआ, जहां विशेषज्ञों के अनुभवों और आधुनिक विज्ञान के संगम ने चिकित्सकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वयं को अपडेट करने का अवसर प्रदान किया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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