भगवान महावीर जयंती: अहिंसा, संयम और सत्य के सिद्धांतों की प्रासंगिक व्याख्या
पुण्योदय अतिशय क्षेत्र कोटा के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने महावीर जयंती पर दिगंबर मुनियों की चर्या और आचार्य विद्यासागर जी के त्याग पर प्रकाश डाला।

कोटा। संसार के इतिहास में तप, त्याग और आत्मसंयम की पराकाष्ठा के सजीव उदाहरण तीर्थंकर भगवान महावीर का जीवन दर्शन आज भी मानवता के लिए आलोक स्तंभ बना हुआ है। महावीर जयंती के पावन अवसर पर उनके अमर संदेश—अहिंसा, संयम और सत्य—की महत्ता पुनः रेखांकित हो रही है। दिगंबर मुनियों की चर्या इस महान आंतरिक साधना का जीवंत प्रतीक है, जहाँ बिना वस्त्र, बिना जूते-चप्पल, आजीवन औषधियों का त्याग और अत्यंत सीमित आहार जैसी कठोर तपस्या सामान्य जन को विस्मय में डाल देती है।
इस प्राचीन और महान परंपरा को आधुनिक युग में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जैसे संतों ने अपने कठोर तपोमय जीवन से पुनर्जीवित किया। उन्होंने आत्मकल्याण के साथ-साथ लोकमंगल के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर त्याग की प्रतिमूर्ति के रूप में स्वयं को प्रस्तुत किया। भगवान महावीर का दर्शन केवल मनुष्य मात्र तक सीमित नहीं है; उन्होंने पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और वनस्पति में भी चेतना को स्वीकार कर अहिंसा का वह व्यापक स्वरूप विश्व के समक्ष रखा, जो समस्त सृष्टि के प्रति करुणा और संवेदनशीलता का आह्वान करता है।
वर्तमान समय के हिंसा और तनावपूर्ण वातावरण में भगवान महावीर के पांच मूलभूत सिद्धांत—अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह—संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहे हैं। पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी दादाबाड़ी, कोटा के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ के अनुसार, महावीर जयंती हमें आत्मचिंतन, संयम और नैतिक जीवन पद्धति अपनाने की प्रेरणा देती है। यदि उनके इन शाश्वत उपदेशों को व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में आत्मसात किया जाए, तो एक शांतिपूर्ण, संतुलित और समरस समाज का निर्माण निश्चित रूप से संभव है। भगवान महावीर का यह संदेश युगों-युगों तक मानवता को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता रहेगा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
