कोटा। जीवन की आपात स्थिति में सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए, देर रात भी समाज सेवा के लिए तत्पर टीम जीवन दाता के स्वयंसेवक मनमीत ने एक गर्भवती महिला की जान बचाई। मामला तब सामने आया जब सविता नामक महिला को डिलीवरी के दौरान प्लेटलेट और ब्लड की गंभीर कमी का सामना करना पड़ा। चिकित्सक डॉ. अरुणा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक और टीम जीवन दाता के संरक्षक भुवनेश गुप्ता को तुरंत सूचित किया।

रात लगभग एक बजे की समयावधि में एसडीपी डोनर्स की तलाश शुरू हुई। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि इस मुश्किल समय में हमेशा सेवा भाव रखने वाले मनमीत को कॉल किया गया। मनमीत ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपने ब्लड सेंटर तलवंडी पहुंचकर करीब 3 बजे एसडीपी डोनेट की, जिससे गर्भवती महिला का जीवन संकट से बाहर आया।

भुवनेश गुप्ता ने कहा कि ऐसे समय में नकारात्मकता और हिचकिचाहट को छोड़कर सेवा भाव का प्रदर्शन करना आवश्यक है, क्योंकि किसी की जान बचाने में यही सबसे बड़ा योगदान है। उल्लेखनीय है कि मनमीत ने अब तक कुल 19 बार रक्तदान किया है और इस बार उनका यह 18वां एसडीपी डोनेशन साबित करता है कि समाज सेवा और मानवीय समर्पण के लिए समय और परिस्थितियों का कोई बंधन नहीं होता।

इस घटना ने स्थानीय समाज में न केवल सेवा और परोपकार का संदेश दिया, बल्कि यह भी उजागर किया कि आपातकालीन स्वास्थ्य स्थिति में समाजसेवकों और रक्त दाताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

Pratahkal Bureau

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