कोटा। तेज सर्दी की रात में, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सुरक्षित थे, तब एक निस्वार्थ दानवीर ने जीवनदान का अनमोल संदेश दिया। शहर के जुझारू और समाजसेवी एसडीपी डोनर अनूप जैन ने देर रात करीब 2.30 बजे ब्लड बैंक पहुंचकर बी पॉजिटिव एसडीपी डोनेट की, जिससे गंभीर रूप से घायल एक बच्चे की जान बचाई जा सकी।

मामला अरहम नामक बच्चे का है, जिसे मस्तिष्क में चोट के कारण आपातकालीन ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिवार के सदस्य कई अस्पताल और ब्लड बैंक से संपर्क कर चुके थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस संकट में लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक और टीम जीवनदाता के संरक्षक भुवनेश गुप्ता के प्रयासों से अनूप जैन तक मदद की खबर पहुंची।

सामान्य परिस्थितियों में देर रात ब्लड बैंक पहुंचना कठिन होता है, लेकिन अनूप जैन ने बिना किसी हिचकिचाहट के मरीज की सहायता की। यह उनकी दसवीं बी पॉजिटिव एसडीपी डोनेशन थी। इससे पहले उन्होंने कुल 25 बार रक्तदान कर समाज सेवा में अपना योगदान दिया है। उनके इस सेवा कार्य के पीछे उनकी धर्मपत्नी प्रियंका जैन का मार्गदर्शन और प्रेरणा भी महत्वपूर्ण रही है, जो स्वयं भी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

अनूप जैन ने कहा, "जीवन लेना देने का नाम है। जैसा आप लोगों को देंगे, वैसा ही वापस पाओगे।" उनके इस कार्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि निस्वार्थ भाव और सेवा की भावना समाज में मिसाल कायम करती है।

यह घटना न केवल एक बच्चे की जान बचाने वाली घटना है, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं और सहयोग की शक्ति को भी उजागर करती है। ऐसे फरिश्ते समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी मानवीयता के उच्च आदर्शों को जीवित रखते हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story