कोटा। शिक्षा की नगरी कोटा ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। मोशन एजुकेशन के छात्र अनुराग डे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदकों की झड़ी लगाकर न केवल संस्थान, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। अनुराग की इस असाधारण सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन मिले, तो सफलता की कोई सीमा नहीं होती।

इस स्वर्णिम उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए मोशन एजुकेशन के संस्थापक और विख्यात शिक्षक नितिन विजय ने बताया कि अनुराग डे ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) और आर एंड डी लैब्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नेशनल साइबर सिक्योरिटी ओलंपियाड में रजत पदक (सिल्वर मेडल) पर कब्जा जमाया है। यह सफलता अनुराग के लिए एक बड़े द्वार खोलने वाली साबित हुई है, क्योंकि अब वह इंटरनेशनल साइबर सिक्योरिटी ओलंपियाड के फाइनल राउंड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का अंतिम चरण आगामी मार्च या अप्रैल में सिंगापुर में आयोजित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि इस वैश्विक मंच पर पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज प्रतिष्ठित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में सीधे प्रवेश का सुनहरा अवसर प्राप्त होता है।

अनुराग की मेधा केवल साइबर सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने इंटरनेशनल साइंस और मैथ्स ओलंपियाड कंपटीशन ऑफ साउथ ईस्ट एशिया में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए दोनों ही श्रेणियों में डायमंड मेडल हासिल किए हैं। इस दोहरी सफलता के दम पर उन्होंने जापान के ओसाका में आयोजित होने वाले आगामी फाइनल राउंड के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके अतिरिक्त, अनुराग ने कोपरनिकस फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है, जबकि कोपरनिकस मैथ्स ओलंपियाड में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

इन उपलब्धियों के चलते अनुराग को अब कैलिफोर्निया में होने वाले फिजिक्स व एस्ट्रोनॉमी के फाइनल राउंड और दुबई व न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली गणित प्रतियोगिताओं के लिए विशेष आमंत्रण प्राप्त हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कोपरनिकस की ये प्रतियोगिताएं अमेरिका की शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित की जाती हैं, जो अनुराग की जीत को और भी महत्वपूर्ण बना देती हैं। संस्थान के मुखिया नितिन विजय ने छात्र की सराहना करते हुए कहा कि ये सफलताएं अनुराग की असाधारण प्रतिभा, अटूट समर्पण और निरंतर कठिन परिश्रम का प्रतिफल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुराग की यह वैश्विक जीत आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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