कोटा। देश की कोचिंग राजधानी कहे जाने वाले कोटा के शिक्षण संस्थानों ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। मोशन एजुकेशन के फाउंडेशन डिवीजन के विद्यार्थियों ने नेशनल साइंस ओलम्पियाड (एनएसओ) के प्रथम चरण में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष 20 स्थानों के भीतर जगह बनाई है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि कोटा की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी वैश्विक स्तर पर रेखांकित करती है।

मोशन एजुकेशन के संस्थापक और प्रसिद्ध शिक्षाविद् नितिन विजय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि ऑफलाइन माध्यम से आयोजित इस परीक्षा में संस्थान का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है। प्राप्त परिणामों के अनुसार, कक्षा 6 से 10 तक के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करते हुए एनएसओ के दूसरे चरण के लिए पात्रता हासिल की है। सफलता की इस फेहरिस्त में नित्य विजय, वेदांत मोहता, पाखी विजय, आकृति शर्मा, हर्षित भार्गव और मधुरा टी वांढरे ने विशेष चमक बिखेरी है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की 'टॉप 20' सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।

विद्यार्थियों के इस अनुकरणीय प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए नितिन विजय ने कहा कि नेशनल साइंस ओलम्पियाड का मूल उद्देश्य छात्रों में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता और जटिल समस्याओं को सुलझाने के कौशल को विकसित करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा में प्रतिवर्ष लाखों छात्र अपनी किस्मत आजमाते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर अत्यंत कठिन हो जाता है। दो चरणों में विभाजित इस परीक्षा का प्रथम स्तर स्कूली स्तर पर होता है, जबकि इसमें श्रेष्ठता सिद्ध करने वाले चयनित छात्र दूसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।

साइंस ओलम्पियाड फाउंडेशन (एसओएफ) द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता अपनी विश्लेषणात्मक प्रश्न पद्धति के लिए जानी जाती है। यद्यपि इसका पाठ्यक्रम स्कूली विज्ञान और गणित की पुस्तकों पर आधारित होता है, किंतु इसके बहुविकल्पीय प्रश्न विद्यार्थियों की वैचारिक स्पष्टता और सोचने की गहराई को परखते हैं। इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को पदक, ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जाता है, जो उनके आत्मविश्वास को एक नई उड़ान प्रदान करते हैं।

नितिन विजय ने इस सफलता को भविष्य की नींव बताते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों को रटने की प्रवृत्ति से दूर कर 'समझकर पढ़ने' की संस्कृति की ओर ले जाती हैं। इससे छात्रों में इंजीनियरिंग, मेडिकल और शोध जैसे क्षेत्रों के लिए एक सुदृढ़ आधार तैयार होता है। मोशन एजुकेशन के छात्रों की यह सफलता यह प्रमाणित करती है कि यदि मार्गदर्शन सही हो और तैयारी अनुशासित, तो एक मजबूत शैक्षणिक माहौल में विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौती को पार कर सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story