कोटा। शिक्षा नगरी कोटा के गणेश नगर स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। श्रीराम कृष्ण कथा ज्योतिष समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पूज्य राघव ऋषि महाराज ने जीवन और दर्शन के गूढ़ रहस्यों को उजागर किया। उन्होंने आध्यात्मिक गहराई के साथ उद्घोष किया कि जब तक जीव श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में नहीं उतारता, तब तक श्रीकृष्ण की अनन्य प्राप्ति असंभव है। मर्यादा पुरुषोत्तम का मार्ग ही पूर्णता की ओर ले जाने वाली एकमात्र सीढ़ी है।

कथा के भव्य प्रवाह में पूज्य राघव ऋषि ने कहा कि जब जीव पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ प्रभु की भक्ति करता है, तो उसे उस अलौकिक शक्ति की प्राप्ति होती है जो उसे 'बलि' की भांति सामर्थ्यवान बनाती है। उन्होंने वामन अवतार के प्रसंग की मार्मिक व्याख्या करते हुए बताया कि जब परमात्मा स्वयं किसी के द्वार पर पधारते हैं, तो वे जीव से तन, मन और धन के रूप में तीन पग पृथ्वी की मांग करते हैं। जो साधक अपने शरीर से सेवा, मन से सुमिरन और धन से परोपकार का मार्ग चुनता है, साक्षात भगवान उसके रक्षक और द्वारपाल बन जाते हैं। सत्व, रज और तमस—इन तीनों गुणों के समर्पण को ही उन्होंने वास्तविक भक्ति बताया, जहाँ शरीर की सेवा तमोगुण को और मन का पूर्ण समर्पण ईश्वरीय संबंध को प्रगाढ़ करता है।

इस आध्यात्मिक आयोजन में उस समय भावुकता का चरम दिखा जब ऋषिजी के सुपुत्र सौरभ ऋषि ने अपनी मधुर वाणी में "कथा रामजी की है कल्याणकारी" भजन प्रस्तुत किया। भजन की स्वर लहरियों ने उपस्थित अपार जनसमूह को भावविभोर कर दिया, जिससे श्रद्धालु झूमने लगे और समूचा पांडल पुष्प वर्षा एवं नृत्य के आनंद में सराबोर हो गया। कथा व्यास ने जोर देकर कहा कि रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मदर्शन का दर्पण है; यदि कोई अपने मन की वास्तविक स्थिति जानना चाहता है, तो उसे रामायण का मनन करना चाहिए।

धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जनकल्याण का क्रम भी जारी रहा। प्रातः काल बिनोवा भावे नगर स्थित रबीन्द्र सदन की ऋषि कुटिया में पूज्य महाराज ने निःशुल्क ज्योतिष परामर्श शिविर के माध्यम से अनेक क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान उनकी जन्मपत्रिका के आधार पर किया। वहीं, सायं काल में भगवती राजराजेश्वरी महात्रिपुरसुंदरी महालक्ष्मी की विशेष आराधना का शुभारंभ हुआ, जिसमें साधकों ने अष्टविनायक गणेश जी की गेंदे के पुष्पों से अर्चना की।

समारोह की गरिमा को बढ़ाते हुए मुख्य यजमान कुलदीप भट्ट एवं सत्यनारायण खण्डेलवाल ने सपत्नीक पोथी और व्यास पूजन संपन्न किया। इस पुनीत अवसर पर समिति के प्रमुख सदस्य बसंतलाल शर्मा, हरिकृष्ण त्रिवेदी, तेजपाल वर्मा, जगदीश शर्मा, विमलेश गौतम, धवल मिश्र, राजेन्द्र गुप्ता, सुशील चौरसिया, भारतेश विजयवर्गीय, हेमराज जांगीड़, नवनीत गुप्ता, देवकीनंदन गर्ग, कृष्णगोपाल शर्मा, विनोद शर्मा, मोहनस्वरूप मिश्र, नितेश जैन, लेखराज राठौड़, चंद्रप्रकाश गौतम और संजय दूबे सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक महाआरती में भाग लिया। मीडिया प्रभारी रामेश्वर गुप्ता के अनुसार, आगामी रविवार को कथा में श्रीकृष्ण बाललीला, माखनलीला, छप्पनभोग और गिरिराज पूजन जैसे भव्य प्रसंगों का सजीव वर्णन किया जाएगा, जो भक्तों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगे।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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