कोटा: गेहूं खरीद कोटे में कटौती पर मनोज दुबे की सरकार को सड़क पर उतरने की चेतावनी
भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा ने एमएसपी पर गेहूं खरीद की राशनिंग और क्वालिटी के नाम पर रिजेक्शन को किसान विरोधी बताया।

कोटा, 6 मार्च। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने किसानों के गेहूं की पूरी खरीद करने की मांग करते हुए गेहूं खरीद कोटे में कटौती को किसान विरोधी निर्णय करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के गेहूं की पूरी खरीद नहीं की गई, तो किसान सड़कों पर उतरेंगे।
खरीद कोटे में कटौती और एमएसपी पर संकट
एमएसपी पर गेहूं खरीद पर राशनिंग से किसान परेशान है। सरकार एक बीघा पर साढ़े 6 क्विंटल गेहूं ही खरीदेंगी। इस फैसले से किसान को बाकी गेहूं पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मनोज दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा की किसानों के गेहूं की पूरी खरीद नहीं हुई तो किसान सड़को पर उतरेंगे। ### भाजपा सरकार पर 'सुनियोजित लूट' के आरोप
मनोज दुबे ने कहा कि "भाजपा की डबल इंजन सरकार में मंडियों में गेहूं की एमएसपी पर खरीद और बोनस सिर्फ छलावा बनकर रह गया है।" मंडियों में अधिकारियों, व्यापारियों व बिचौलियों की मिलीभगत से सुनियोजित लूट मची है। किसान खून के आंसू रो रहा है, और भाजपा की पर्ची सरकार तमाशबीन बनी बैठी है।
'क्वालिटी' के नाम पर किसानों का शोषण
मनोज दुबे ने कहा कि "सदन में मुख्यमंत्री गेहूं का समर्थन मूल्य 2735 बताकर वाहवाही लूटते हैं, और दूसरी तरफ भाजपा सरकार क्वालिटी के नाम पर 99% गेहूं खरीद से खारिज करती है।" किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि वे अपना गेहूं ओने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेच दें। ### सरकारी गोदामों की स्थिति और सरकार की विफलता
मनोज दुबे ने कहा कि "सरकारी गोदाम खाली पड़े हैं, और मंडियों में रोजाना लाखों कट्टों की खरीद हो रही।" यह सीधी-सीधी संगठित लूट और भाजपा सरकार की नाकामी है। किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक रूप से तोड़कर लूटा जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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