कोटा, 4 जून। जल संकट के बढ़ते खतरों के बीच भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कोटा में एक सशक्त सामाजिक आंदोलन का आगाज हुआ है। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के अंतर्गत बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आवासन मंडल, केशवपुरा में एक भव्य जल संरक्षण जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, स्काउट-गाइड सदस्यों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने पूरी ऊर्जा के साथ सहभागिता निभाते हुए जल संचयन और संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इसी अभियान की अगली कड़ी के रूप में गुरुवार को आंवली गांव स्थित वन भूमि पर नए जल स्रोत के निर्माण हेतु विधि-विधान से भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न होगा।

कार्यक्रम की संयोजिका योगिता महावर ने एक प्रेस बयान के माध्यम से स्पष्ट किया कि इस अभियान का मूल ध्येय आमजन, विशेषकर युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को वर्तमान समय की अपरिहार्य आवश्यकता बताते हुए कहा कि जल संकट एक विकराल समस्या का रूप ले रहा है, जिसके समाधान के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी महती जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।

शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष एवं स्काउट गाइड जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए जल को जीवन का आधार बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान में ही जल संरक्षण के प्रति सजगता नहीं बरती गई, तो आने वाली पीढ़ियां गंभीर अस्तित्व संकट का सामना करेंगी। जायसवाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे न केवल अपने घरों में पानी की बर्बादी रोकें, बल्कि समाज में भी जागरूकता का प्रसार करें। उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" को मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनव्यापी सामाजिक आंदोलन निरूपित किया। उन्होंने बताया कि इस मुहिम के तहत विद्यालयों और ग्रामीण अंचलों में निरंतर जागरूकता शिविर, श्रमदान, पौधारोपण, प्रभात फेरियां और जल स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्य किए जा रहे हैं, क्योंकि केवल सामूहिक प्रयास ही जल संरक्षण का स्थायी समाधान हो सकते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गाइड कैप्टन नीलम पारेता ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण के संस्कारों को विद्यार्थियों के जीवन में समाहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलावों की नींव रखते हैं, और यदि प्रत्येक नागरिक प्रतिदिन जल बचाने का दृढ़ संकल्प ले, तो भविष्य निश्चित रूप से सुरक्षित हो सकेगा। आयोजन के दौरान स्काउट एवं गाइड विद्यार्थियों ने प्रभावी संदेशों के माध्यम से जल संरक्षण की महत्ता समझाई और उपस्थित जनसमूह ने पर्यावरण सुरक्षा व जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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