कोटा। पर्यटन केवल नए स्थानों की सैर और मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक तनाव दूर करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी जरिया भी है। इसी दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कोटा विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं पर्यटन विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने उत्तराखंड के नैनीताल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में पर्यटन, शारीरिक सक्रियता और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से स्वस्थ जीवनशैली, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, योग, प्राणायाम, खेल, पोषण और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन प्रो. अनुकृति शर्मा ने ‘द बैलेंस्ड लाइफ : इंटीग्रेटिंग मूवमेंट, माइंड एंड वेल-बीइंग’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती निष्क्रियता और मानसिक तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए शरीर, मन और व्यवहार के बीच सामंजस्य स्थापित करना आवश्यक है।

प्रो. शर्मा ने बताया कि जीवन में संतुलन के लिए केवल शारीरिक सक्रियता पर्याप्त नहीं है। मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और स्वयं को तनावमुक्त रखने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। तनाव का एक बड़ा कारण उन बातों और परिस्थितियों को लगातार मन में बनाए रखना है, जिन्हें समय रहते छोड़ देना चाहिए। उन्होंने अनावश्यक चिंताओं और नकारात्मक विचारों से मुक्त होने के लिए ‘लेट गो’ की भावना अपनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नियमित शारीरिक गतिविधियां, योग, ध्यान और खेल शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से खेल या योग के लिए समय नहीं निकाल पाता है, तो पर्यटन और प्रकृति के बीच समय बिताना भी मानसिक थकान दूर करने तथा स्वयं को तरोताजा रखने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

पर्यटन के व्यापक महत्व को समझाते हुए प्रो. शर्मा ने कहा कि यात्रा केवल नए स्थान देखने या मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यह व्यक्ति को रोजमर्रा की एकरसता से बाहर निकालकर प्रकृति के करीब लाती है। नई जगहों, स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से परिचित होने पर व्यक्ति का दृष्टिकोण व्यापक होता है। प्रकृति के बीच पैदल भ्रमण, शांत वातावरण और नए अनुभव मानसिक सुकून देने के साथ जीवन में सकारात्मकता का संचार करते हैं। इस तरह पर्यटन को शारीरिक सक्रियता, मानसिक विश्राम और समग्र स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाना चाहिए।

अपने व्याख्यान को केवल सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित नहीं रखते हुए प्रो. अनुकृति शर्मा ने मानव कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी गतिविधियों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से उन्होंने प्रतिभागियों को शारीरिक सक्रियता, मानसिक सजगता और जीवन में संतुलन स्थापित करने के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उनके प्रदर्शन में यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बड़े बदलावों के बजाय दैनिक जीवन में छोटी-छोटी सकारात्मक आदतों को शामिल करना अधिक महत्वपूर्ण है।

संगोष्ठी में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने सहभागिता की। दूसरे दिन आयोजित पैनल डिस्कशन का विषय ‘फ्रॉम पॉलिसी टू प्रैक्टिस : एडवांसिंग स्पोर्ट्स, योगा एंड मेडिटेशन फॉर ह्यूमन वेल-बीइंग इन उत्तराखंड-लेसंस फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड’ रहा। इस चर्चा में डॉ. सरस्वती खेतवाल, प्रो. जतिन सोनी, प्रो. राजीव चौधरी और प्रो. अनुकृति शर्मा ने अपने विचार साझा किए।

दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने किया था। उद्घाटन अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षाविद एवं अकादमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संगोष्ठी में प्रस्तुत विचारों और व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से शारीरिक सक्रियता, मानसिक शांति, योग, खेल और पर्यटन को मानव कल्याण तथा संतुलित जीवनशैली के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में रेखांकित किया गया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story