भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर मंगलवार को कोटा विश्वविद्यालय में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर शोधपीठ के तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम ने बाबासाहब के समता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया। आयोजन के मुख्य केंद्र बिंदु के रूप में शोधपीठ समन्वयक एवं संत पीपा छात्रावास के वार्डन डॉ. के.आर. चौधरी के नेतृत्व में छात्रावास के कर्मठ कर्मचारियों और ऊर्जावान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर के संविधान पार्क में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यहाँ स्थापित बाबासाहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभी ने उन्हें भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की, जिससे संपूर्ण वातावरण उनके आदर्शों की गूँज से ओतप्रोत हो गया।

इस वैचारिक समागम के दौरान वक्ताओं ने बाबासाहब के उन महान विचारों को रेखांकित किया, जो समता, न्याय, बंधुता और मानवाधिकारों की मजबूत नींव पर टिके हैं। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समन्वयक डॉ. के.आर. चौधरी ने समाज की वास्तविक प्रगति की परिभाषा स्पष्ट की। उन्होंने बल देते हुए कहा कि राष्ट्र की उन्नति तभी सुनिश्चित हो सकती है जब समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध हो। कार्यक्रम केवल वैचारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया। आगामी भीषण गर्मी की चुनौतियों को भांपते हुए शोधपीठ ने संवेदनशीलता का परिचय दिया और संविधान पार्क सहित संत पीपा छात्रावास परिसर के समीपवर्ती क्षेत्रों में पशु-पक्षियों हेतु जल पात्र (पिराड़े) बांधे। बेजुबान जीव-जंतुओं को राहत पहुँचाने की इस मानवीय पहल की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने बाबासाहब के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करने और एक जागरूक, संवेदनशील एवं समतामूलक समाज के निर्माण का दृढ़ संकल्प लिया, जो इस आयोजन की सार्थकता को सिद्ध करता है।A

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story