कोटा विश्वविद्यालय-एटीडीसी पुणे के बीच आज 5 वर्षीय एमओयू, कृषि पर्यटन को नई दिशा
कोटा विश्वविद्यालय और एटीडीसी पुणे के बीच कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच वर्षीय एमओयू होगा, जानिए इस समझौते की पूरी जानकारी।

तस्वीर में बाएं से दाएं पांडुरंग तावरे, प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा और अन्य अतिथि कोटा में एक साथ दिखाई दे रहे हैं।
कोटा विश्वविद्यालय पर्यटन एवं आतिथ्य शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय कृषि पर्यटन विकास कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एटीडीसी), पुणे के साथ पांच वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर करेगा।
इस समझौते के लिए पुणे महाराष्ट्र से चलकर भारत में कृषि पर्यटन अवधारणा के जनक के रूप में प्रसिद्ध और महाराष्ट्र सरकार की कृषि एवं ग्रामीण पर्यटन विकास समिति के पूर्व सदस्य पांडुरंग तावरे कोटा पहुंच गए हैं। कोटा आगमन पर विभागाध्यक्ष पर्यटन एवं आतिथ्य प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने पांडुरंग तावरे का स्वागत किया।
भारत में एग्री टूरिज्म (कृषि पर्यटन) की अवधारणा को नई पहचान देने वाले पांडुरंग तावरे देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
भारत में "फादर ऑफ एग्री टूरिज्म कॉन्सेप्ट" के रूप में प्रसिद्ध पांडुरंग तावरे वर्तमान में एग्री टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ATDC) के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उन्होंने देश में कृषि पर्यटन को एक नई दिशा देते हुए हजारों किसानों को पर्यटन से जोड़कर अतिरिक्त आय का मार्ग प्रशस्त किया है।
प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को कुलगुरू प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय कोटा और एटीडीसी पुणे के बीच समझौता होगा। इस एमओयू के तहत कृषि एवं ग्रामीण पर्यटन, उद्यमिता विकास, प्रशिक्षण, अध्ययन भ्रमण, इंटर्नशिप, शोध तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के संचालन में दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
एमओयू की अवधि प्रारंभिक रूप से पांच वर्ष निर्धारित की गई है। यह समझौता पर्यटन एवं आतिथ्य शिक्षा को व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध और रोजगार से जोड़ने की दिशा में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग का आधार बनेगा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
