कोटा में यूडीएच मंत्री खर्रा पर कांग्रेस का पलटवार, राखी गौतम बोलीं- नाकामी छिपाने को लगाए जा रहे झूठे आरोप
कोटा में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आरोपों पर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम का पलटवार, पट्टा, ओबीसी आरक्षण और निकाय चुनाव को लेकर लगाए गंभीर आरोप।

कोटा में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा द्वारा कांग्रेस पर "बंदरबांट" और "आर्थिक कुप्रबंधन" के आरोप लगाए जाने के बाद शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने उनके बयान पर तीखा पलटवार किया। 7 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में राखी गौतम ने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री जनता को भ्रमित करने और झूठ बोलकर गुमराह करने की सोची-समझी साजिश के तहत बयानबाजी कर रहे हैं।
राखी गौतम ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान नगरीय निकायों ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को पट्टे देकर उन्हें अपना आशियाना बनाने और रहने का अधिकार दिया। कांग्रेस सरकार ने नई कॉलोनियां विकसित कर शहर का विस्तार किया, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार पट्टा शिविरों के नाम पर केवल फोटो खिंचवाकर पट्टे देने की लीपापोती कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर सरकार की इच्छाशक्ति कमजोर दिखाई दे रही है।
उन्होंने यूडीएच मंत्री को घेरते हुए कहा कि कोटा में "सेल परमिशन" की अनिवार्यता को लेकर स्वयं मंत्री को जांच के आदेश देने पड़े। उनके अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा शासन में लूट और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच चुका है, जिसकी खबरें प्रतिदिन समाचारों में प्रकाशित हो रही हैं और यह बात जनता से छिपी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन में ऐसी स्थिति नहीं थी।
राखी गौतम ने मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने निकायों की परिसंपत्तियां अपने लोगों में बांट दीं और आठ गुना खर्च कर दिया। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस ने सब कुछ लूट लिया था तो भाजपा सरकार ढाई वर्षों में कोटा की सड़कों, नालियों और सफाई व्यवस्था को क्यों नहीं सुधार सकी। उन्होंने कहा कि विकास कार्य तो दूर, भाजपा सरकार कांग्रेस शासनकाल में हुए विकास कार्यों का रखरखाव भी नहीं कर पाई। उनके अनुसार, कांग्रेस के समय निकायों के पास अपनी आय के स्रोत थे, लेकिन भाजपा सरकार ने जीएसटी की राशि रोककर और केंद्र से मिलने वाले फंड में कमी कर जानबूझकर निकायों को आर्थिक रूप से कमजोर किया। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए कांग्रेस पर दोषारोपण किया जा रहा है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर मंत्री झाबर सिंह खर्रा के बयान पर भी राखी गौतम ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंत्री का यह कहना कि "विपक्ष लिखित सहमति दे तो बिना ओबीसी आरक्षण चुनाव करा देंगे" बेहद निराशाजनक और घोर आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण कोई सौदेबाजी का विषय नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है कि ओबीसी को पूरा आरक्षण देकर ही निकाय चुनाव कराए जाएं।
राखी गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हार के डर से पिछले एक वर्ष से पंचायत और निकाय चुनाव टाल रही है, जिससे लोकतंत्र की हत्या हो रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ओबीसी के नाम पर राजनीति कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कोटा की जनता सब देख रही है और मंत्री को पिछले ढाई वर्षों के अपने विकास कार्यों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारियों से बचने और झूठे आरोप लगाने से सच्चाई छिप नहीं सकती तथा जनता सब समझ रही है।
यह प्रेस विज्ञप्ति दैनिक समाचार पत्रों के प्रकाशनार्थ शहर जिला कांग्रेस की ओर से महासचिव डॉ. विजय सोनी द्वारा जारी की गई।

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