कोटा थर्मल में पदोन्नति पर निर्णायक मोड़: 10 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन
कोटा थर्मल में तकनीकी कर्मचारियों की वर्षों से लंबित पदोन्नति मांग पर हुए सांकेतिक धरने के बाद बड़ा मोड़ आया। प्रबंधन ने 10 जुलाई 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया, जिससे कर्मचारियों में नई उम्मीद और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं।

कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के मुख्य द्वार पर अपनी लंबित पदोन्नति मांगों को लेकर गुरुवार को एकदिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के दौरान एकजुट होकर खड़े संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी और तकनीकी कर्मचारी।
कोटा थर्मल पावर स्टेशन में वर्षों से लंबित तकनीकी कार्मिकों की पदोन्नति को लेकर चल रहा संघर्ष गुरुवार को उस समय निर्णायक चरण में पहुंच गया, जब संयुक्त संघर्ष समिति के एकदिवसीय सांकेतिक धरने के बाद प्रबंधन ने 10 जुलाई 2026 तक पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
कोटा, 18 जून। कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में तकनीकी कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को एकदिवसीय सांकेतिक धरना आयोजित किया गया। धरने में बड़ी संख्या में तकनीकी कार्मिक शामिल हुए और उन्होंने वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई।
धरने के दौरान कर्मचारियों के दबाव और एकजुटता को देखते हुए मुख्य अभियंता शिखा अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता शैलेंद्र सिंह एवं जॉइंट डायरेक्टर हरिओम अवस्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से वार्ता की और स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों ने मुख्य कार्यकारी निदेशक (सीएमडी) देवेंद्र श्रृंगी से दूरभाष पर संपर्क कर कर्मचारियों की मांगों से अवगत कराया।
वार्ता के बाद अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सीएमडी का संदेश कर्मचारियों को दिया। संदेश में स्पष्ट किया गया कि 10 जुलाई 2026 तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बताया गया कि पहले प्रशासन ने इसके लिए 20 जुलाई तक का समय मांगा था, लेकिन समिति ने वर्षों से लंबित मामले को देखते हुए निश्चित समय-सीमा का लिखित आश्वासन देने की मांग रखी, जिसके बाद 10 जुलाई की तिथि तय की गई।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित तिथि तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो कर्मचारियों के हित में आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय प्रशासन की होगी। समिति के प्रतिनिधियों ने धरने को सफल बनाने के लिए सभी कर्मचारियों का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि कर्मचारियों की एकता के कारण ही यह मामला निर्णायक मोड़ तक पहुंच सका है।
इस मौके पर संयुक्त संघर्ष समिति के रामसिंह शेखावत, दिनेश गौतम, पूरणमल शर्मा, राजीव उपाध्याय, कैलाश कछवाह, वीरेंद्र कश्यप और रवि गौतम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति ने कहा कि अब सभी की निगाहें 10 जुलाई की निर्धारित समय-सीमा पर टिकी हैं, और प्रक्रिया की सतत निगरानी जारी रहेगी।

Pratahkal Bureau
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