नितिन मेहता ने फिर दिखाई इंसानियत, 61वीं बार एसडीपी डोनेट कर बचाई नवली की जान
कोटा में टीम जीवन दाता के डोनर्स ने फिर पेश की मिसाल। महज 9000 प्लेटलेट बचने पर नवली के लिए तारणहार बने नितिन मेहता, 61वीं बार एसडीपी डोनेट कर बचाई अनमोल जिंदगी। जानिए पूरी खबर।

तस्वीर में कोटा के एक ब्लड सेंटर में डोनर लेटे हुए एसडीपी डोनेट करते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनके साथ अन्य लोग व अस्पताल स्टाफ मौजूद है.
कोटा। टीम जीवन दाता के डोनर्स पर लोगों का विश्वास निरंतर बढ़ता जा रहा है, डोनर्स के कारण ही लोगों को समय पर एसडीपी उपलब्ध हो पा रही है। लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवन दाता के संरक्षक व संयोजक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि बारा निवासी नवली को एसडीपी की आवश्यकता थी, उनकी प्लेटलेट महज 9000 रह गई थी, ऐसे में उनके पति दिनेश चिंतित हो रहे थे, निजी अस्पताल में भर्ती होने पर वही के ब्लड बैंक स्टाफ ने टीम जीवनदाता से संपर्क किया, उसके बाद उन्हें आश्वस्त किया कि एसडीपी की व्यवस्था हो जाएगी, हमेशा तैयार रहने वाले नितिन मेहता को कॉल किया तो वह शीघ्र ही तैयार हो गए और अपना ब्लड सेंटर पहुंचकर उन्होंने 61वीं बार सेवा भाव से एसडीपी डोनेट की है। वह इससे पूर्व 42 बार ब्लड डोनेशन कर चुके हैं। नितिन मेहता का कहना है कि किसी के जीवन को बचाया जा सके ऐसी सेवा करना अपने आप में गर्व ओर संतोष की बात है। गुप्ता ने कहा कि नितिन मेहता ने कोरोनाकाल में भी काफ़ी बढ़चढ़ कर काम किया था और उनकी मदद से सेकड़ो की ज़िंदगी बचाने में सफलता मिली थी।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
