कोटा: तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटा तो केडीए कार्यालय पर होगा महापड़ाव
तालाब बचाओ संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सोगरिया तालाब सहित अन्य जलाशयों पर अवैध कब्जों और केडीए अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

"तालाबों पर से अतिक्रमण नहीं हटे तो अतिशीघ्र केडीए कार्यालय पर महापड़ाव डालेंगे : मनोज दुबे"
मुख्यमंत्री को पत्र और केडीए पर गंभीर आरोप
कोटा 18 फ़रवरी। तालाब बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनोज दुबे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तालाबों पर से अतिक्रमण हटाए जाए की मांग करते हुए कोटा में केडीए के कुछ अधिकारीयों पर राजस्थान सरकार के जल संरक्षण अभियान की धज्जियाँ उड़ाने एवं तालाबों पर अतिक्रमण करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
महापड़ाव की चेतावनी
"मनोज दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा की अगर तालाबों पर से अतिक्रमण नहीं हटे तो अतिशीघ्र ही केडीए कार्यालय पर तालाब बचाओ संघर्ष समिति महापड़ाव डालेगी।"
ऐतिहासिक तालाबों की स्थिति और बाढ़ का खतरा
- कोटा मे वर्षो पुराने ऐतिहासिक तालाबों पर लगातार अतिक्रमण किए जा रहे है। लेकिन केडीए प्रशासन आँखे बंद कर बैठा है।
- पूरे शहर मे घूम घूम कर अतिक्रमण हटाने वाले केडीए को तालाबों पर हो रहे अतिक्रमण दिखाई नहीं दे रहे है?
- तालाबों पर हो रहे अतिक्रमणो से हर साल शहर मे बरसात मे भारी बाढ़ से जन-धन की बड़ी हानि होती है। लेकिन फिर भी सरकार एवं केडीए प्रशासन तालाबों पर से अतिक्रमण हटाने मे गंभीर नहीं है।
- तालाब जल संरक्षण के प्रमुख केंद्र होने के साथ साथ बाढ़ से भी बचाव मे बहुत उपयोगी है।
- जहां भी तालाब अपने पूर्ण स्वरुप मे है, वहा बाढ़ का खतरा नहीं या कम है ओर जहां तालाबों पर अतिक्रमण है वहाँ हर वर्ष बरसात मे बाढ़ से भारी तवाही होती है। फिर भी तालाबों पर से अतिक्रमण नहीं हटाए जा रहे है।
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
"मनोज दुबे ने कहा की प्रमुख समाचार पत्र तालाबों से अतिक्रमण पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर रहे है। भाजपा विधायक संदीप शर्मा विधानसभा मे तालाबों पर हो रहे अतिक्रमण पर चिंता जता चुके है। फिर कौनसी ताकत सरकार व केडीए प्रशासन को तालाबों पर से अतिक्रमण हटाने से रोक रही है?"
सोगरिया तालाब: 8 माह बाद भी नहीं हुई कार्यवाही
तालाब बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनोज दुबे के द्वारा केडीए को दिए गए ज्ञापन पर कार्यवाही करते हुए केडीए ने 23 मई 2025 को अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने अथवा कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण विरोधी दस्ते द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही अमल में लाने की चेतावनी दी थी।
लेकिन 8 माह से भी ज्यादा समय बीतने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटे, पक्के अतिक्रमण भी किए जा रहे है। लगभग 33 बीघा में फैला सोगरिया तालाब 70 साल से भी पुराना है एवं कोटा जिले के प्रमुख तालाबों में शामिल है। जिस पर भूमाफियाओ द्वारा लगातार मट्टी डालकर भराव किया जा रहा है। ओर कच्चे पक्के अतिक्रमण कर अवैध गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है।
जल संरक्षण अभियान की अवहेलना
"मनोज दुबे ने कहा की एक ओर राजस्थान सरकार के द्वारा जल संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। दूसरी ओर तालाबों पर अतिक्रमण करने वालो को केडीए के अधिकारियो द्वारा खुले आम संरक्षण दिया जा रहा है। जों बेहद शर्मनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। कोटा में केडीए के अधिकारी राजस्थान सरकार के जल संरक्षण अभियान की धज्जियाँ उड़ा रहे है।"

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
