कोटा, 20 मार्च। नवसंवत्सर एवं भारतीय नव वर्ष के पावन अवसर पर कोटा शहर में आयोजित 'स्वदेशी मेले' में भारतीय ज्ञान परंपरा को जन-जन तक प्रसारित करने के उद्देश्य से पुनरुत्थान विद्यापीठ केंद्र, कोटा द्वारा एक भव्य पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह नरेंद्र कंसुरिया द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर भारतीय संस्कृति और शिक्षा जगत से जुड़ी विशिष्ट अनुभूतियां साझा की गईं। कार्यक्रम के दौरान ललित शर्मा, नरेंद्र शर्मा, सुधा शर्मा, अनन्य शर्मा, अक्षिता शर्मा सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी के उद्देश्यों एवं विद्यापीठ की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए पुनरुत्थान विद्यापीठ, कोटा केंद्र के संचालक दीपक शर्मा ने स्पष्ट किया कि विद्यापीठ का मूल ध्येय प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के शाश्वत आधार पर आधुनिक समाज को पुनर्शिक्षित करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि संस्थान ने मनुष्य के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक की संपूर्ण जीवन यात्रा को सुसंस्कृत बनाने हेतु एक सुव्यवस्थित और व्यापक शिक्षा योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत कुटुंब शिक्षा, परिवार शिक्षा, समाज शिक्षा और अर्थोपार्जन (आजीविका) की शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाता है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि भारतीय संस्कारों का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ कराने हेतु ये समस्त कक्षाएं पूर्णतया निशुल्क आयोजित की जाती हैं।

संस्थान की अकादमिक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए दीपक शर्मा ने जानकारी दी कि अब तक संस्थान द्वारा 31 विभिन्न संकायों के अंतर्गत कुल 1051 महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रकाशन संपन्न किया जा चुका है। वर्तमान में भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने हेतु 'पितामही उप विद्यापीठ', 'भारत को जानो', 'आचार्य अध्ययन योजना' और 'जीवन विकास के सूत्र' जैसे गहन विषयों पर निशुल्क शिक्षण कार्य निरंतर जारी है। इसके अतिरिक्त, संस्थान की 'गृहगंगा धारा' पत्रिका के माध्यम से समाज को सामयिक परिस्थितियों के प्रति सजग और जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, युवा पीढ़ी को नैतिक एवं सुसंस्कृत गृहस्थ जीवन के मूल्यों से जोड़ने हेतु 'विवाह योग्य वर-वधु संस्कार वर्ग' का आयोजन भी वर्षभर प्रतिबद्धता के साथ किया जाता है।

इस विशेष अवसर पर भारतीय संस्कृति संवर्धन संस्थान ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। पाठकों के बौद्धिक संवर्धन हेतु संस्थान द्वारा भारतीय संस्कृति से संबंधित उच्च कोटि के साहित्य का निशुल्क वितरण किया गया। संस्थान के प्रतिनिधि रूपेश शर्मा, अनिल कुमार जैन, दीपिका पंवार और भानू प्रकाश गौतम ने उपस्थित जनसमूह को पुस्तकों का वितरण किया और संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं एवं भावी जनकल्याणकारी संकल्पों की विस्तृत जानकारी साझा की। स्वदेशी मेले में पहुंचे आगंतुकों और पुस्तक प्रेमियों ने भारतीय गौरव को प्रतिबिंबित करने वाले इस अनूठे साहित्य और मौलिक शिक्षा पद्धति के प्रति अभूतपूर्व उत्साह प्रदर्शित किया, जो समाज के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हो रहा है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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