कोटा में स्टोन शिपर्स लिमिटेड प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। स्टोन शिपर्स कर्मचारी संघ, रानपुर एवं भारतीय मजदूर संघ ने कंपनी प्रबंधन पर 49 कर्मचारियों की गैर-कानूनी छंटनी, डराने-धमकाने और जातिगत रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। श्रमिक संगठनों ने कहा है कि यदि आगामी तीन दिनों में मामले का उचित समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।

स्टोन शिपर्स कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नाथूलाल गोस्वामी ने बताया कि कंपनी के बाहर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया और जातिगत रूप से अपमानित व प्रताड़ित किया गया। इस मामले में रानपुर थाना पुलिस ने कंपनी के दो प्रबंधकीय अधिकारियों गजानंद गौड़ एवं विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गोस्वामी ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पीड़ित कर्मचारियों में भय, निराशा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

घटनाक्रम की जानकारी देते हुए नाथूलाल गोस्वामी ने बताया कि 30 जून की रात्रि को कंपनी प्रबंधन ने श्रम नियमों की अनदेखी करते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के फैक्ट्री गेट पर अचानक 49 कर्मचारियों की छंटनी सूची चस्पा कर दी। अगले दिन जब ये कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्हें फैक्ट्री परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद से सभी प्रभावित कर्मचारी फैक्ट्री गेट के बाहर टेंट लगाकर लगातार धरने पर बैठे हुए हैं।

भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री रवि गौतम ने स्टोन शिपर्स प्रबंधन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी ने पूर्व में हुई द्विपक्षीय वार्ताओं और समझौतों की अवहेलना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थापित श्रम कानूनों और औद्योगिक संबंधों के नियमों को दरकिनार करते हुए वरीयता क्रम के सिद्धांत की अनदेखी कर एकतरफा छंटनी की गई है।

रवि गौतम ने कहा कि श्रमिक प्रतिनिधिमंडल जब समस्या के समाधान के लिए प्रबंधन से मिलने गया तो उच्च अधिकारियों ने मर्यादाओं का उल्लंघन करते हुए उन्हें अपमानित किया, जातिगत टिप्पणियां कीं और गंभीर मानसिक यंत्रणा दी।

राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन को तेज किया जाएगा।

इस दौरान सीपी शर्मा, अवधेश मिश्रा, जिलामंत्री रवि गौतम, संदीप राजानी, राजस्थान विकास प्रकोष्ठ प्रभारी ब्रजेश कांत, महामंत्री राजेश पाराशर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

कर्मचारी संघ की मांग है कि कंपनी द्वारा जारी एकतरफा छंटनी नोटिस को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और सभी 49 प्रभावित कर्मचारियों को सेवा में वापस बहाल कर ससम्मान कार्य पर लिया जाए। इसके साथ ही कंपनी प्रबंधन, श्रमिक संघ और श्रम विभाग के बीच तत्काल औपचारिक वार्ता आयोजित करने, औद्योगिक संबंधों, कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम कानूनों से जुड़े सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

संघ ने कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना, सामाजिक अपमान और मानहानि के एवज में उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी रखी है। साथ ही पुलिस में दर्ज एफआईआर के आधार पर नामजद आरोपी गजानंद गौड़ और विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ निष्पक्ष, त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है।

स्टोन शिपर्स लिमिटेड प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच जारी यह विवाद अब श्रम कानूनों के पालन, कर्मचारियों की बहाली और एफआईआर में नामजद आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है।

Pratahkal Newsroom

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