कोटा स्टोन उद्योग अब ग्रीन कैटेगरी में शामिल, उद्यमियों को मिली बड़ी राहत
लघु उद्योग भारती के प्रयासों से कोटा स्टोन उद्योग को ऑरेंज से ग्रीन श्रेणी में डाला गया, अब आजीवन वैध रहेगा पर्यावरण प्रमाण-पत्र।

राजस्थान के कोटा में स्थित स्टोन प्रसंस्करण इकाई जहाँ 1 फरवरी 2026 से नए पर्यावरण नियम और सरलीकृत लाइसेंस प्रक्रिया प्रभावी हो गई है।
लघु उद्योग भारती के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्र एवं राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग ने कोटा स्टोन उद्योग को ऑरेंज कैटेगरी से हटाकर ग्रीन कैटेगरी में शामिल कर लिया है। यह निर्णय कोटा स्टोन उद्योग से जुड़े हजारों लघु व्यापारियों और उद्यमियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
- ग्रीन कैटेगरी में शामिल होने के बाद अब कोटा स्टोन व्यापारियों को केवल एक बार पर्यावरण स्वीकृति प्रमाण-पत्र लेना होगा।
- यह प्रमाण-पत्र आजीवन वैध रहेगा।
- इस प्रमाण-पत्र की शुल्क राशि भी अत्यंत न्यूनतम रखी गई है।
- यह व्यवस्था पांच करोड़ रुपये से कम लागत वाले उद्योगों पर लागू होगी।
"ग्रीन कैटेगरी में शामिल होने के बाद अब कोटा स्टोन व्यापारियों को केवल एक बार पर्यावरण स्वीकृति प्रमाण-पत्र लेना होगा, जो आजीवन वैध रहेगा।"
कोटा ईकाइ के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय लघु उद्योग भारती के शीर्ष नेतृत्व को देते हुए उनके प्रयासों को बधाई और साधुवाद ज्ञापित किया है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
