कोटा: श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य घटयात्रा के साथ शुभारंभ
गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के सानिध्य में अष्ठाहनिका महापर्व पर धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर सहभागिता की।

कोटा के महावीर नगर प्रथम में अष्ठाहनिका महापर्व के अवसर पर निकली भव्य घटयात्रा में मंगल कलश लेकर सम्मिलित जैन समाज की महिलाएं और श्रद्धालु।
कोटा। अष्ठाहनिका महापर्व के पावन अवसर पर महावीर नगर प्रथम स्थित श्वेत जैन मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान आराधना का विधिवत शुभारंभ भव्य घटयात्रा के साथ हुआ। आयोजन परम पूज्य भारत गौरव, सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी एवं संघस्थ आर्यिका पट्ट गणिनी आर्यिका 105 श्री विज्ञमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित हुई।
भव्य घटयात्रा एवं मंगल कलश
कार्याध्यक्ष जीवनधर सोगानी ने बताया कि प्रातःकाल निकली भव्य घटयात्रा में आर्यिका माताजी ससंघ पदविहार करते हुए शामिल रहीं। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर श्रद्धा और भक्ति के साथ शोभायात्रा में सहभागिता निभाई।
आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी का पावन प्रवचन
"अपने प्रवचन में आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने कहा कि श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में सिद्ध भगवान की आराधना से साधक को महान पुण्य की प्राप्ति होती है तथा यह विधान आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नयन का श्रेष्ठ माध्यम है।"
शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण एवं इंद्र स्वरूप
- हाथी पर ध्वजारोहण कर्ता के रूप में लोकेश – दीप्ति सोनी परिवार विराजमान थे।
- बग्गियों में सोधर्म इंद्र के रूप में गुलाबचंद लुहाड़िया, ईशान इंद्र के रूप में इंद्रमल गोधा सहित अन्य इंद्र स्वरूप श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- विधान का संचालन प्रतिष्ठाचार्य आकाश भैयाजी एवं अक्षत भैयाजी के निर्देशन में किया जा रहा है।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
महामंत्री मिलापचंद अजमेरा ने जानकारी दी कि आयोजन में निम्नलिखित गणमान्य जन उपस्थित रहे:
- सकल दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष प्रकाश बज
- विमल जैन (नांता), जे.के. जैन, नरेश वेद, विमल वर्धमान
- समाज के अनेक गणमान्य पुरुष एवं महिलाएं
- महावीर नगर महिला मंडल की अध्यक्षा बीना गोधा (महिला सहभागिता का नेतृत्व)

