कोटा दशहरा मैदान में भव्य श्याम भजन संध्या और 30वां फागोत्सव आयोजित
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति में श्री श्याम मित्र मण्डल द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में जयपुर और कोलकाता के गायकों ने प्रस्तुतियां दीं।

कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित 30वें फागोत्सव के दौरान श्याम बाबा के भव्य दरबार में उपस्थित श्रद्धालु और भजन प्रस्तुति देते गायक।
“जाके सिर पर हाथ श्याम धणी को होवे है…” — रसपूर्ण भजनों से झूम उठा भक्तों का सैलाब। हजारों भक्तों की मौजूदगी में श्याम बाबा का भव्य दरबार, रसपूर्ण भजनों से सराबोर हुआ कोटा।
आयोजन का विवरण और मुख्य अतिथि
कोटा। शहर के दशहरा मैदान, कोटा में शनिवार रात्रि आयोजित भव्य भजन संध्या भावनाओं, भक्ति और उल्लास की अनुपम छटा के साथ सम्पन्न हुई। श्याम बाबा के दिव्य दरबार के समक्ष देर रात तक उमड़े हजारों श्रद्धालुओं ने रसपूर्ण भजनों के साथ ऐसा आध्यात्मिक वातावरण रचा कि पूरा परिसर “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज उठा।
- मुख्य अतिथि: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
- विशिष्ट अतिथि: विधायक संदीप शर्मा
अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “इस प्रकार के सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सकारात्मकता और आस्था की भावना को सशक्त करते हैं।”
श्री श्याम मित्र मण्डल की 30वीं प्रतिष्ठित परंपरा
कार्यक्रम का आयोजन श्री श्याम मित्र मण्डल संस्था रजि. कोटा के तत्वावधान में किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की निरंतरता पर प्रकाश डाला:
- संस्था अध्यक्ष: सुरेन्द्र गोयल
- सचिव: राजेश चौधरी
- कोषाध्यक्ष: महेन्द्र मंसाका
इन्होंने बताया कि यह 30वां रंग-रंगीला फागोत्सव है, जो पिछले तीन दशकों से निरंतर आयोजित हो रहा है और अब कोटा की प्रतिष्ठित धार्मिक परंपरा बन चुका है।
भजनों से सजा बाबा का दरबार, भावविभोर हुआ पंडाल
जयपुर से पधारे भजन गायक गोविंद शर्मा ने सर्वप्रथम गणेश वंदना के साथ भजन संध्या का शुभारंभ किया और तत्पश्चात “कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है…” जैसे पौराणिक कीर्तन से श्याम बाबा का आह्वान किया। उनकी मधुर प्रस्तुति के साथ ही श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
इसके बाद कोलकाता से आमंत्रित सुप्रसिद्ध भजन प्रवाहक रवि बेरीवाल ने निम्नलिखित भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया:
- “श्याम धणी ने ये दरबार लगाया है, हम सबसे मिलने का ख्याल बाबा को आया है…”
- “हाथों में लेकर निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे…”
वहीं कोलकाता से ही पधारे शुभम रूपम ने इन भावपूर्ण भजनों से पंडाल को श्याममय कर दिया:
- “हो रयो बाबा की नगरी में केशर चंदन को छिड़काव…”
- “जाके सिर पर हाथ श्याम धणी को होवे है, वो तो खूंटी तान के सोवे है…”
- “म्हारे मन की बात बाबा थारे से न छानी है…”
- “म्हारा खाटू का राजा रे, तू तो बेगो-बेगो आजा रे…”
पुष्पवर्षा, इत्र-वर्षा और छप्पन भोग से सजा दिव्य दरबार
सेवादार कमल अग्रवाल व पंकज बजाज ने बताया कि श्याम बाबा के दरबार को कोलकाता, दिल्ली एवं चंडीगढ़ से मंगाए गए रंग-बिरंगे पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया।
- जयपुर के कुशल सजावटी कलाकारों द्वारा सुसज्जित मंच और अखंड ज्योत।
- छप्पन भोग और बाबा का आकर्षक श्रृंगार।
- पूरे पंडाल में की गई इत्र एवं पुष्प-वर्षा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
- गणेशजी एवं सालासर बालाजी का दरबार भी स्थापित किया गया।
सामाजिक एकता और आभार
श्रद्धालु पूरी रात्रि भजनों की रसधारा में डूबे रहे और “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयघोष से दशहरा मैदान गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक परिवार सहित उपस्थित रहे।
संस्था पदाधिकारियों ने नगर निगम, स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग तथा सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “इस प्रकार के आयोजन समाज में भक्ति, सांस्कृतिक चेतना और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम हैं।” अंत में समस्त श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम से सुख-समृद्धि एवं राष्ट्र में खुशहाली की कामना की।

Pratahkal Bureau
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