384 साल पुराने श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में पुनः प्रतिष्ठा, 108 दीपों की महाआरती से गूंजा कोटा
कोटा के 384 साल पुराने श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न, 108 दीपों की महाआरती और वैदिक अनुष्ठानों में उमड़े श्रद्धालु।

कोटा के मोखापाड़ा स्थित श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में पुनर्निर्माण के बाद आयोजित पुनः प्रतिष्ठा स्थापना महोत्सव के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।
कोटा के मोखापाड़ा स्थित 384 साल पुराने ऐतिहासिक श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में पुनर्निर्माण के बाद आयोजित चार दिवसीय पुनः प्रतिष्ठा स्थापना महोत्सव बुधवार को श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन भगवान श्री लक्ष्मीनाथ एवं महर्षि गौतम की प्रतिमाओं की वैदिक विधि-विधान से वेदी पर प्रतिष्ठा की गई।
श्री गौतम गौड़ हितकारिणी समिति, कोटा के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में प्रतिमाओं के वेदी पर विराजमान होते ही मंदिर परिसर "जय श्री लक्ष्मीनाथ" और "महर्षि गौतम की जय" के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम संयोजक हीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि महोत्सव संत शिरोमणि श्री बाल किशन जी महाराज (ककोड़ वाले) के सानिध्य में संपन्न हुआ। मुख्य आचार्य पंडित संजय चतुर्वेदी के निर्देशन में विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान श्री लक्ष्मीनाथ और महर्षि गौतम की प्रतिमाओं की विधिवत पुनः प्रतिष्ठा कराई।
श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर, मोखापाड़ा के अध्यक्ष प्रमोद गौतम एवं महामंत्री डॉ. बृज सुंदर गौतम ने बताया कि प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं ने 108 दीपों से भगवान श्री लक्ष्मीनाथ की भव्य महाआरती की। दीपों की आभा, शंख-घड़ियाल की गूंज और भक्तों के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक वातावरण से भर गया। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम के सह संयोजक एडवोकेट मनोज गौतम ने बताया कि चार दिनों तक चले इस महोत्सव में कलश यात्रा, विष्णु सहस्रनाम पाठ, अभिषेक, हवन-यज्ञ, संगीतमय भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
महोत्सव के दौरान पुष्पेन्द्र गौतम, अरविन्द आचार्य, शशि प्रकाश गौतम, सत्य प्रकाश जोशी, गुमाना राम, जगदीश शर्मा, धु्रव गौतम, परमानंद शर्मा, बुद्धिप्रकाश शर्मा, राकेश आचार्य, मुकेश आचार्य, ओमप्रकाश गौतम, राकेश पंडित, पवन, संजीव गौतम, जितेंद्र गौतम सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु मौजूद रहे।
चार दिवसीय पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन के साथ ही मोखापाड़ा स्थित श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में धार्मिक परंपराओं और वैदिक विधियों के अनुसार प्रतिमाओं की स्थापना पूर्ण हुई, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

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