कोटा: चिंताहरण हनुमान मंदिर में गूंजी शहनाइयां, 11 निर्धन जोड़ों ने थामी एक-दूसरे की राह
कोटा के आरके पुरम स्थित चिंताहरण हनुमान मंदिर में 11 ग्रामीण जोड़ों का नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। विधायक संदीप शर्मा की उपस्थिति और दीपा किशोरी की कथा के बीच भामाशाहों ने नव-दम्पत्तियों को गृहस्थी का समस्त सामान भेंट किया। जानिए कैसे समाज के सहयोग से इन निर्धन परिवारों के आंगन में खुशियों की शहनाई गूंजी।

कोटा। शिक्षा नगरी कोटा के आरके पुरम क्षेत्र में आज भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब चिंताहरण हनुमान मंदिर के पावन सानिध्य में 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक रस्म अदायगी नहीं, बल्कि समाज के उस उदार चेहरे का प्रतिबिंब था जहाँ निर्धन परिवारों के अरमानों को भामाशाहों के सहयोग से पंख मिले। ग्रामीण क्षेत्रों से आए इन जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पवित्र अग्नि के साक्ष में एक-दूसरे के साथ सात जन्मों का बंधन बांधा, जिससे पूरा मंदिर परिसर हर्ष और उल्लास से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम का भव्य आगाज मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह की गरिमा तब और बढ़ गई जब दूल्हों ने तोरण मारकर अपनी जीवनसंगिनी के गले में वरमाला डाली। पंडितों के मंगलकारी मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में पूर्ण की गईं। इस पुनीत कार्य में भामाशाहों ने दिल खोलकर दान दिया और नवविवाहितों के नए घर की नींव रखने के लिए उपहार स्वरूप पलंग, अलमारी, गद्दे, कंबल, पानी की टंकी, कुर्सियां, बाटी कूकर, प्रेस, केसरोल समेत सोने-चांदी के आभूषण भेंट किए।
विवाह की रस्मों के साथ-साथ वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए सात दिवसीय 'नानी बाई का मायरा' कथा का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसका वाचन दीपा किशोरी द्वारा किया गया। मंच का कुशल और मधुर संचालन डॉ. माणक चन्द गोचर ने किया, जिन्होंने अपनी वाणी से कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को अंत तक बांधे रखा। आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों ने दिन-रात एक कर दिया। अध्यक्ष क्रान्ति चन्द नागर, उपाध्यक्ष गौरी शंकर नागर, महामंत्री तुलसी राम सुमन और कोषाध्यक्ष राजेश वैष्णव सहित समिति के अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक जोड़े को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद देते हुए उनकी गृहस्थी का सामान सौंपा।
विवाह के पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में वर-वधू पक्ष के परिजनों सहित हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक बना, बल्कि इसने संदेश दिया कि यदि समाज एकजुट हो जाए, तो आर्थिक अभाव किसी की खुशियों में बाधा नहीं बन सकता। सामूहिक विवाह के इस महाकुंभ ने कोटा के सामाजिक ताने-बाने को और भी मजबूत करने का काम किया है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
