वरिष्ठ नागरिकों ने मैदान में दिखाया बचपन का जोश, गुल्ली-डंडा और सितौलिया में छाई रौनक
कोटा में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर जैन-माहेश्वरी समाज के स्नेह मिलन में वरिष्ठजनों ने गुल्ली-डंडा, सितौलिया और चम्मच दौड़ में बचपन याद किया।

तस्वीर में कोटा के एक मैदान में आयोजित स्नेह मिलन समारोह के दौरान वरिष्ठ नागरिकों और मुख्य अतिथि को पारंपरिक खेल और गतिविधियों में भाग लेते हुए देखा जा सकता है।
कोटा में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर जैन समाज कोटा एवं माहेश्वरी समाज कोटा की ओर से आयोजित स्नेह मिलन समारोह में वरिष्ठ नागरिकों ने उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए पारंपरिक खेलों में जमकर उत्साह दिखाया। गुल्ली-डंडा, चम्मच दौड़ और सितौलिया में महिला एवं पुरुष वरिष्ठजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। खेल मैदान में प्रतियोगिता के साथ बचपन की यादों और आपसी सौहार्द की झलक भी देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक धर्मचंद काला ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ मनोरंजन के साथ आपसी मेल-जोल और पारंपरिक खेलों से जोड़ना था। प्रतियोगिताएं शुरू होते ही प्रतिभागियों में गजब का उत्साह नजर आया। कई वरिष्ठजन पूरे जोश के साथ खेलते दिखाई दिए, वहीं साथी प्रतिभागियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
गुल्ली-डंडा और सितौलिया जैसे पारंपरिक खेल समारोह में विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। आधुनिक मनोरंजन के दौर में लगभग भुलाए जा चुके इन खेलों ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके बचपन के दिनों की याद दिला दी। चम्मच दौड़ में महिला प्रतिभागियों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खेलों के दौरान हंसी-मजाक और आपसी प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा।
समारोह के मुख्य अतिथि माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने भी विभिन्न खेलों में भाग लेकर वरिष्ठ नागरिकों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और सक्रिय जीवनशैली का महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे आयोजनों से वरिष्ठ नागरिकों में ऊर्जा, उत्साह और आपसी आत्मीयता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि जैन और माहेश्वरी समाज का संयुक्त आयोजन सामाजिक समन्वय और भाईचारे का उदाहरण है। खेलों के माध्यम से दोनों समाजों के वरिष्ठ नागरिकों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और पुरानी यादें साझा करने का अवसर मिला।
सकल दि.जैन समाज के कार्यध्यक्ष जे.के. जैन ने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं के साथ संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। पूरे आयोजन में खेल भावना, सहभागिता और सामाजिक सौहार्द प्रमुखता से दिखाई दिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि उम्र केवल एक संख्या है; उत्साह और सक्रियता के साथ जीवन के हर पड़ाव को आनंदमय बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में सकल जैन समाज के परम संरक्षक विमल जैन नांता, विनोद टोरडी, अध्यक्ष प्रकाश बज, महामंत्री पदम बड़ला, पूर्व न्यायाधीश जेनेन्द्र जैन, एसके जैन, माहेश्वरी समाज के मंत्री विठ्ठलदास मूंदड़ा, पूर्व राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष महेश अजमेरा, माहेश्वरी पंचायत अध्यक्ष के.जी. जाखेटिया, सुरेश काबरा, आनन्द राठी, पारस सौगानी, सुरेशचांदवाड़, संदीप काला, पारस काला, द्रवेन्द टोंग्या, अशोक जोरा, एसके दोशी, देवेन्द्र टोंग्या, कमल बोहरा, अशोक पहाडिया, शकुंतला काला, संतोष काला, पुष्पा जैन, तारा देवी, समिता टोरडी, रूकमणी मुंदडा, पुष्पा गट्टानी, साधना भण्डारी सहित दोनों समाजों के अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
