कोटा के युवकों के प्रयास से अल सुबह संभव हुआ एसडीपी डोनेशन

कोटा।

आज के समय में जब डेंगू, कैंसर, ब्लड कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, तब सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) डोनेशन एक ऐसी क्रांतिकारी प्रक्रिया बन चुकी है जो मरीज के लिए जीवनदान साबित हो रही है।

छोटा प्रयास जिंदगियां बचाने का बड़ा प्रयास साबित हो रहा है, लेकिन इसके लिए सेवाभावी लोगों का होना बेहद आवश्यक है, टीम जीवनदाता इस सेवा कार्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहती है।


मरीज की मदद और टीम जीवनदाता का समन्वय

लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि:

  • दरा निवासी नाथुलाल का आॅपरेशन होना था।
  • उनके पुत्र लोकेश मीणा एसडीपी के लिए परेशान हो रहे थे।
  • ऐसे में उन्होंने टीम जीवनदाता के भुवनेश गुप्ता से सम्पर्क किया और बी नेगेटिव की गुहार लगाई।

देवेंद्र शर्मा ने पेश की सेवा की मिसाल

"मामला गंभीर होने पर सुबह ही एनएमसीएच में कार्यरत देवेन्द्र शर्मा को कॉल किया तो वह तैयार हो गए और उन्होंने 14वीं बार एसडीपी डोनेशन किया, वह इससे पूर्व 25 बार रक्तदान कर चुके हैं।"

कोटा के युवकों के प्रयास से संभव हो सका अल सुबह एसडीपी डोनेशन और गंभीर मरीज की जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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