चिकित्सा जगत में कोटा शहर ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यहाँ एक 67 वर्षीय महिला, जिन्होंने अपनी बाईं आंख की सर्जरी किसी अन्य अस्पताल में करवाई थी लेकिन जटिलता के कारण उनकी दृष्टि वापस नहीं आ सकी, अब फिर से दुनिया के रंग देख पा रही हैं। सेंट्रल इंडिया में पहली बार हुआ यह जटिल ऑपरेशन महज 12 घंटे में महिला की ज़िंदगी बदल गया।

निराशा के बीच उम्मीद की नई किरण

कई अस्पतालों में दिखाने के बाद जब उन्हें यह कह दिया गया कि अब उस आंख से देख पाना संभव नहीं है, तो उन्होंने उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। बाद में नयापुरा, कोटा स्थित एक नेत्र अस्पताल में जांच के दौरान उन्हें विशेषज्ञ राय के लिए सरोया आई हॉस्पिटल रेफर किया गया। वहां डॉ. अर्नव सरोया और उनकी टीम ने आंख की दृष्टि क्षमता (Visual Potential) जांचने के लिए दो विशेष परीक्षण किए। जांच में यह संकेत मिला कि आंख में दृष्टि वापस आने की संभावना है।

सेंट्रल इंडिया में पहली बार अत्याधुनिक ‘प्यूपिलोप्लास्टी’

इसके बाद सेंट्रल इंडिया में पहली बार अत्याधुनिक प्रक्रिया ‘प्यूपिलोप्लास्टी’ करने की योजना बनाई गई। डॉ. सरोया को इस प्रकार के जटिल मामलों का व्यापक अनुभव चेन्नई में अपनी सुपर-स्पेशियलिटी ट्रेनिंग के दौरान प्राप्त हुआ था, लेकिन मध्य भारत में यह प्रक्रिया पहली बार की गई। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और परिणाम भी बेहद सकारात्मक रहे।

12 घंटे में चमत्कार और भावुक पल

ऑपरेशन के मात्र 12 घंटे के भीतर महिला की दृष्टि “सिर्फ रोशनी की पहचान” (Perception of Light) से सुधरकर 6/24 हो गई और अगले 5-7 दिनों में और तेज़ी से रोशनी बढ़ने की उम्मीद है। अगले ही दिन वे अपने डॉक्टर को पहचान पा रही थीं, अपने पोते और पति का चेहरा साफ देख पा रही थीं और वर्षों बाद फिर से दुनिया के रंगों को निहार सकीं। सबसे भावुक क्षण तब आया जब उनका पोता अपनी दादी को विज़न चार्ट पढ़ते देख भावुक होकर रो पड़ा। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

कोटा और राजस्थान के लिए गर्व की उपलब्धि

यह उपलब्धि न केवल सरोया आई हॉस्पिटल बल्कि पूरे कोटा शहर और राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। जिस मरीज को 4-5 अस्पतालों में निराशा मिली, उसी मरीज को यहां नई दृष्टि और नई उम्मीद मिली। इस सफलता पर चिकित्सकों का कहना है कि "आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के सही समन्वय से असंभव दिखने वाले मामलों में भी सफलता पाई जा सकती है।"

विश्वस्तरीय सुविधाओं के प्रति जागरूकता की अपील

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की नवीनतम प्रगति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी रखें। कोटा, राजस्थान में अब विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंधेरे में उम्मीद की यह किरण बताती है कि सही उपचार और विशेषज्ञता से जीवन में फिर से रंग भरे जा सकते हैं।

Pratahkal Newsroom

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