कोटा-बूंदी दुग्ध संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने दुग्ध क्षेत्र को अर्थव्यवस्था का आधार बताया और बच्चों को पौष्टिक डेयरी उत्पाद वितरित किए।

पोषण के महा-उत्सव और ग्रामीण समृद्धि के प्रतीक 'विश्व दुग्ध दिवस' के अवसर पर कोटा-बूंदी दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड के भवन में एक भव्य और चेतना जागृत करने वाली संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कोटा सरस डेयरी के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में दूध के अपरिहार्य महत्व पर गहन मंथन हुआ, वहीं दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याणार्थ संचालित विभिन्न हितकारी योजनाओं पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया। सामाजिक सरोकारों को धरातल पर उतारते हुए इस खास मौके पर श्री करणी विकास समिति छात्रावास पहुंचकर बच्चों को छाछ और लस्सी वितरित कर उनका मुंह मीठा कराया गया, जिससे झुलसाती गर्मी के बीच नौनिहालों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई।

संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए सरस डेयरी अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कड़े शब्दों में दुग्ध क्षेत्र की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मानव आहार में दूध और डेयरी उत्पादों के पोषण संबंधी महत्व को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही यह दिन मनाया जाता है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि इस दिवस का मुख्य ध्येय दुग्ध के चमत्कारी स्वास्थ्य लाभों का प्रचार करना, दुग्ध उत्पादन की तकनीकों में क्रांतिकारी सुधार लाना और दुग्ध उद्योग के चौतफा विकास के लिए ठोस प्रयास करना है। इसके साथ ही, यह आयोजन देश के रीढ़ माने जाने वाले दुग्ध उत्पादकों के हितों की पुरजोर रक्षा करने तथा उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान में चौतरफा सहायता प्रदान करने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है।

कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता और संघ के प्रबंध निदेशक (एमडी) दिलखुश मीणा ने विश्व दुग्ध दिवस के गौरवशाली इतिहास की परतों को खोलते हुए उपस्थित जनसमूह को बताया कि इस वैश्विक अभियान की शुरुआत वर्ष 2001 में हुई थी, जब विश्व दुग्ध फेडरेशन ने इस विशेष दिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने का ऐतिहासिक फैसला किया था। तब से लेकर आज तक, यह दिन संपूर्ण दुनिया भर में दुग्ध उत्पादकों, नीति निर्माताओं, आम उपभोक्ताओं और स्वास्थ्य जगत के विशेषज्ञों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और मार्गदर्शक मंच बन चुका है।

इसी कड़ी में, अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़, एमडी दिलखुश मीणा और डेयरी प्रबंधन की टीम श्री करणी विकास समिति छात्रावास परिसर पहुंची। वहां अध्यक्ष ने अपने हाथों से बच्चों को ठंडी-ताजा छाछ और लस्सी भेंट की तथा उन्हें दुग्ध दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। भीषण गर्मी के इस दौर में इस स्नेहपूर्ण सौगात को पाकर बच्चों का उत्साह चरम पर नजर आया और उन्होंने खिलखिलाते चेहरों के साथ इस भेंट को स्वीकार करते हुए सरस डेयरी प्रबंधन का सहृदय आभार प्रकट किया। इस मानवीय पहल पर बोलते हुए अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि दूध और उससे बने उत्पाद केवल पोषण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ और मजबूत समाज के निर्माण की आधारशिला हैं। भीषण गर्मी के इस थका देने वाले मौसम में छाछ और लस्सी जैसे पारंपरिक व पौष्टिक पेय मानव शरीर को तत्काल ऊर्जा प्रदान करते हैं और स्वास्थ्य संरक्षण में एक रक्षा कवच की तरह काम करते हैं। उन्होंने गर्व से दोहराया कि कोटा सरस डेयरी सदैव आम जनता को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्यों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रही है।

आर्थिक मोर्चे पर दुग्ध क्षेत्र की भूमिका को देश की लाइफलाइन बताते हुए चैनसिंह राठौड़ ने कहा कि यह क्षेत्र हमारे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण और इसके व्यापक उपभोग से देश की वित्तीय स्थिति को भारी मजबूती मिलती है। यह एक ऐसा सशक्त माध्यम है जिससे सीधे तौर पर हमारे ग्रामीण अंचल के किसानों की आय में सीधे तौर पर भारी वृद्धि होती है और उन्हें मजबूत आर्थिक स्वावलम्बन प्राप्त होता है। वक्त की मांग है कि हम सब मिलकर दुग्ध क्षेत्र की इस विराट महत्ता को पहचानें और इसके निरंतर विकास के लिए सामूहिक रूप से पुरजोर प्रयास करें। हमें हर स्तर पर अपने अन्नदाता दुग्ध उत्पादकों का न केवल नागरिक सम्मान करना चाहिए, बल्कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में उनके अमूल्य योगदान की खुले दिल से सराहना भी करनी चाहिए।

इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अध्यक्ष राठौड़ ने दुग्ध उत्पादक समितियों और सुदूर गांवों में बसे किसानों को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह दी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने पशुधन में सुधार करते हुए उन्नत नस्ल की गाय और भैंसों का पालन शुरू करें, ताकि हमें अत्यंत उच्च और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उन्नत गुणवत्ता वाला दुग्ध प्राप्त हो सके, जो बाजार में किसानों को बेहतर दाम दिला सके। इस गरिमामय और प्रेरणास्पद संगोष्ठी एवं सेवा कार्यक्रम के अवसर पर कोटा सरस डेयरी के प्रबंध निदेशक (एमडी) दिलखुश मीणा, पीएण्डआई इंचार्ज फरीदा खान, वरिष्ठ अधिकारी सत्यनारायण शर्मा सहित डेयरी उद्योग और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग एवं कर्मचारी मुस्तैदी से उपस्थित रहे।

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