कोटा। मानवता की सेवा और परोपकार की भावना जब संकल्प का रूप लेती है, तो वह समाज के लिए प्रेरणापुंज बन जाती है। शिक्षा नगरी कोटा के बसंत विहार स्थित लॉयंस क्लब भवन में रविवार को 'समर्पण सेवा समिति' द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह कुछ ऐसा ही दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। जहाँ सेवा के जज्बे को नमन किया गया और यह संदेश दिया गया कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही वास्तव में ईश्वर की सच्ची साधना है। इस भव्य आयोजन में शहर की नामचीन हस्तियों सहित समिति के सदस्यों ने शिरकत की, जिससे सेवा और समर्पण का यह संगम और भी गरिमामयी हो उठा।

कार्यक्रम का आगाज़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रसिद्ध समाजसेवी विवेक राजवंशी, पार्षद गोपाल राम मंडा और योगेश आहुवालिया की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु समिति द्वारा संचालित 'भलाई की दीवार' और 'भलाई की गोशाला' रहे, जिन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट कीर्तिमान स्थापित किया है। समिति के अध्यक्ष अशोक जैन सबद्रा ने बीते एक दशक की यात्रा का विवरण साझा करते हुए बताया कि 'भलाई की दीवार' पिछले दस वर्षों से निरंतर वंचित वर्ग के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब तक लाखों की संख्या में वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री जरूरतमंदों तक पहुँचाई जा चुकी है, जो केवल जन-सहयोग और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से संभव हो पाया है। इसके साथ ही 'भलाई की गोशाला' के माध्यम से मूक गौवंश की नियमित सेवा और उपचार का कार्य भी अनवरत जारी है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विवेक राजवंशी ने कहा कि सच्ची सेवा वही है जिसमें स्वार्थ का लेशमात्र भी अंश न हो। उन्होंने विशेष रूप से कोविड-19 की विभीषिका का स्मरण करते हुए बताया कि जब पूरी दुनिया घरों में कैद थी और मानवता संकट में थी, तब समर्पण समिति के जांबाज सदस्यों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सड़कों पर उतरकर मूक पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी और चारे की व्यवस्था की। पार्षद गोपाल राम मंडा और योगेश आहुवालिया ने भी समिति के सेवा प्रकल्पों को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण हैं।

कार्यक्रम के दौरान केवल चर्चाएं ही नहीं हुई, बल्कि सौहार्द का वातावरण बनाने के लिए महिला एवं पुरुष सदस्यों हेतु विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों और खेलों का भी आयोजन किया गया। समिति के प्रवक्ता यतींद्र जैन ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने दिन-रात एक कर सेवा कार्यों को धरातल पर उतारा। समारोह का समापन भविष्य में इन सेवा कार्यों के विस्तार और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि कोटा की धरा पर मानवता और करुणा के उस संकल्प की पुनरावृत्ति थी, जो समाज को जोड़ने का कार्य करती है।

Pratahkal Bureau

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