रील्स की लत पर प्रहार: कोटा में 'रिल का फील' नाटक का हुआ मंचन
अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब और कोटा ड्रामा ऑफ स्कूल ने दादाबाड़ी में नाट्य मंचन के जरिए युवाओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

कोटा के दादाबाड़ी में 'रिल का फील' नाटक के दौरान मंच पर प्रस्तुति देते अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब के सदस्य और कलाकार।
कोटा, 27 मार्च। वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया और रील्स के बढ़ते आकर्षण ने युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस गंभीर समस्या और इसके दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब एवं कोटा ड्रामा ऑफ स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में दादाबाड़ी क्षेत्र में एक प्रभावशाली नाटक 'रिल का फील' का मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से कलाकारों ने युवाओं को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर वास्तविक जीवन और लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का कड़ा संदेश दिया।
रील्स की लत और करियर पर मंडराता संकट
कार्यक्रम के दौरान कोटा ड्रामा ऑफ स्कूल के डायरेक्टर विवेक शर्मा ने कहा कि "आज का युवा वर्ग रील्स बनाने और देखने में अपना कीमती समय इस कदर व्यर्थ कर रहा है कि इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव उनकी शिक्षा, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।" नाटक के दृश्यों में बड़ी ही सजीवता से दिखाया गया कि किस प्रकार रील्स की लत विद्यार्थियों को उनके करियर के पथ से भटका रही है और वे मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं। यह प्रस्तुति इतनी मर्मस्पर्शी रही कि इसने वहां मौजूद दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
तकनीक का सदुपयोग और समय प्रबंधन का संदेश
अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब के संरक्षक संजय गोयल, भंवर लाल अग्रवाल एवं जितेंद्र गोयल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि "नई पीढ़ी को तकनीक का उपयोग अपनी प्रगति के लिए करना चाहिए, न कि उसके मोहपाश में बंधकर अपना भविष्य अंधकारमय करना चाहिए।" उनके अनुसार समय प्रबंधन ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। ### स्थानीय कलाकारों द्वारा सामाजिक जागरूकता की अलख
क्लब के अध्यक्ष आशु गुप्ता एवं सचिव दीपांशु अग्रवाल ने बताया कि नाटक में क्लब के सदस्यों ने ही विभिन्न पात्रों को जीवंत कर इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। इस अवसर पर नाटक में आशु गुप्ता, सुरेंद्र गोयल, लक्ष्मी गोयल, एडवोकेट धर्मेंद्र अग्रवाल, हेमलता अग्रवाल, गौरव बंसल, धर्मेंद्र अग्रवाल, सीमा बंसल, इशिता बंसल, इशांक गुप्ता और पीयूष अग्रवाल ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से जागरूकता की अलख जगाई। क्लब ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे रचनात्मक आयोजन जारी रहेंगे।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
