कोटा: रेड क्रॉस के निशुल्क शिविर में 70 से अधिक थैलेसीमिया मरीजों को मिला विशेषज्ञ परामर्श
कोटा में विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित निशुल्क थैलेसीमिया परामर्श शिविर में 70 से अधिक मरीजों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ली। जानिए, इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी से लड़ने के लिए विशेषज्ञों ने कौन से जरूरी उपायों और उपचारों पर जोर दिया है।

तस्वीर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भवन, कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजेश कृष्ण बिरला और अन्य उपस्थित अतिथि एक चिकित्सक को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए दिख रहे हैं।
कोटा में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, कोटा, अग्रवाल ब्लड बैंक, कोटा तथा महात्मा गांधी हॉस्पिटल, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में एमबीएस ब्लड बैंक परिसर स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भवन, नयापुरा में निशुल्क थैलेसीमिया परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में 70 से अधिक थैलेसीमिया मरीजों एवं उनके परिजनों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजेश कृष्ण बिरला ने विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनजागरूकता, समय पर स्वास्थ्य जांच और आनुवंशिक रोगों की रोकथाम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि थैलेसीमिया जैसी बीमारियों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, विवाह पूर्व एवं गर्भावस्था के दौरान आवश्यक जांच को प्रोत्साहित करना और नियमित रक्तदान के माध्यम से मरीजों की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेड क्रॉस सोसाइटी जनहितकारी अभियानों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता निभा रही है।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के स्टेट जनरल सेक्रेटरी जगदीश जिंदल ने संस्थान की कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था लगातार थैलेसीमिया मरीजों के लिए परामर्श, रक्त उपलब्धता और जनजागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने समाज के अधिकाधिक लोगों से नियमित रक्तदान करने और थैलेसीमिया की रोकथाम के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
शिविर में महात्मा गांधी हॉस्पिटल, जयपुर की बाल हेमेटोलॉजिस्ट एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका सोनी और बाल एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. आरती यादव ने मरीजों की जांच कर उन्हें उपचार एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया। डॉ. प्रियंका सोनी ने थैलेसीमिया को एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार बताते हुए कहा कि वर्तमान में बोन मैरो ट्रांसप्लांट इस बीमारी का एक प्रभावी एवं स्थायी उपचार है। उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार मिलने से थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सुरेंद्र अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। शिविर में रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रदेश सचिव जगदीश जिंदल, अग्रवाल समाज के जिलाध्यक्ष नवल गर्ग, महात्मा गांधी हॉस्पिटल के डॉ. गौरव ओझा, डॉ. चित्रलेखा नागर एवं वरिष्ठ प्रबंधक अनिल गर्ग सहित अनेक चिकित्सकों, समाजसेवियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
