कोटा में मजदूर दिवस पर रेल कर्मचारियों की रैली, निजीकरण का विरोध
एआईआरएफ महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने निजीकरण के विरुद्ध भरी हुंकार, हजारों रेलकर्मियों ने पुरानी पेंशन और 8वें वेतन आयोग की मांग के साथ निकाला मार्च।

कोटा में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित रैली का नेतृत्व खुली जीप में सवार होकर करते एआईआरएफ महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष जे.आर. भौंसले।
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन (WCREU) द्वारा 01 मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर कोटा में सेन्ट्रल एक्जीक्यूटिव कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक और एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। उमरावमल पुरोहित सभागार, कोटा जंक्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में रेलकर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद की। एआईआरएफ (AIRF) के सहायक महामंत्री मुकेश गालव ने जानकारी देते हुए बताया कि यूनियन की इस जोनल कार्यकारिणी बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में एआईआरएफ के महामंत्री कॉ. शिवगोपाल मिश्रा एवं कार्यकारी अध्यक्ष कॉ. जे.आर. भौंसले सम्मिलित हुए, जिनका सुबह 5:00 बजे स्टेशन आगमन पर भव्य स्वागत किया गया।
दिन की शुरुआत में प्रातः 10:30 बजे कॉ. शिवगोपाल मिश्रा ने एआईआरपीडब्ल्यूएफ की कार्यकारिणी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को विश्वास दिलाया कि 8वें वेतन आयोग के गठन और पेंशनभोगियों से जुड़ी विभिन्न जटिल समस्याओं को रेलवे बोर्ड के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 3:00 बजे आयोजित वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन की मुख्य बैठक में महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निजीकरण की आड़ में सार्वजनिक क्षेत्र के उन संस्थानों को कमजोर कर रही है जो जनता की संपत्ति हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने से रोजगार की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसर जैसे बुनियादी संवैधानिक अधिकार खतरे में पड़ रहे हैं।
संगठन के नाम पर रेलवे में किए जा रहे पदों की कटौती और घटती कर्मचारी संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कॉ. मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों पर डाला जा रहा अतिरिक्त कार्यभार उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने लेबर कोड्स के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करने, कार्य के घंटे बढ़ाने और ट्रेड यूनियनों की शक्ति को क्षीण करने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल के अधिकार पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि यह श्रमिकों के वर्षों के संघर्ष का परिणाम है।
मजदूर दिवस के इस उपलक्ष्य में यूनियन कार्यालय से एक अभूतपूर्व विशाल रैली निकाली गई। इस रैली में जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों के हजारों रेल कर्मचारियों सहित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। खुली जीप में सवार होकर महामंत्री कॉ. शिवगोपाल मिश्रा और कॉ. जे.आर. भौंसले ने रैली का नेतृत्व किया। गगनभेदी नारों और मांगों की तख्तियों के साथ यह रैली कोटा स्टेशन के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय से शुरू होकर स्टेशन बजरिया क्षेत्र के मुख्य मार्गों से गुजरी। रैली का समापन उमरावमल पुरोहित सभागार में एक विशाल आम सभा के रूप में हुआ, जिसने रेल प्रशासन और सरकार को श्रमिकों की एकजुटता का कड़ा संदेश दिया।

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