कोटा: दरा-कवलपुरा टनल हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
दरा–कवलपुरा रेलखंड में दो इंजीनियरों की मौत के बाद भड़के कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीआरएम को मांग पत्र सौंपा।

कोटा मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में दरा-कवलपुरा टनल हादसे के विरोध में ज्ञापन सौंपते ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के महामंत्री मुकेश गालव (बाएं से दूसरे) और अन्य पदाधिकारी।
दरा–कवलपुरा रेलखंड में टनल निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से रेलवे के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर संजय झा और जूनियर इंजीनियर (कार्य) अप्रेंटिस प्रभात सिंह की दर्दनाक मौत के बाद रेलवे कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन और वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन, कोटा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मण्डल रेल प्रबंधक, कोटा को ज्ञापन सौंपा।
एआईआरएफ के महामंत्री मुकेश गालव और इरशाद खान ने बताया कि दरा–कवलपुरा सेक्शन में चल रहे टनल कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से दोनों अधिकारियों की दबकर मृत्यु हो गई। इस घटना से सम्पूर्ण रेल कर्मचारी परिवार शोकाकुल और स्तब्ध है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और उसकी प्रभावी निगरानी में गंभीर लापरवाही का परिणाम है।
डब्लयूसीआरईयू और एआईआरएफ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय, नई दिल्ली के नाम ज्ञापन सौंपकर गहरा रोष व्यक्त किया। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी घटनाएं केवल कोटा मंडल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न मंडलों और जोनों में भी समय-समय पर सुरक्षा संबंधी गंभीर हादसे सामने आते रहे हैं, जिससे रेल कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
मुकेश गालव ने दरा–कवलपुरा दुर्घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने रेलवे बोर्ड से समस्त जोनों और मंडलों में कार्यस्थल सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में नियमित सुरक्षा ऑडिट, जोखिम मूल्यांकन और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने, भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक संसाधन और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई।
रेलवे कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि रेलवे बोर्ड इस गंभीर मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। कार्यक्रम का संचालन इरशाद खान ने किया। प्रेस सचिव राजेश गौतम ने इसकी जानकारी दी।

Pratahkal Bureau
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