कोटा: नेम नोटिंग पॉलिसी के विरोध में रेलकर्मियों का प्रदर्शन
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन ने 18 सूत्रीय मांगों को लेकर डीआरएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन, आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने की मांग।

कोटा में नेम नोटिंग पॉलिसी और आठवें वेतन आयोग जैसी मांगों को लेकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के सदस्य।
कोटा, 02 फरवरी। वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के तत्वाधान में रेलकर्मचारियों की ज्वलंत समस्या नेम नोटिंग पॉलिसी में सुधार करवाने हेतु आज दिनांक 02 फरवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर आक्रोश आन्दोलन किया गया। जिसमें लगभग 500 से अधिक रेलकर्मचारियों ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया।
नेम नोटिंग पॉलिसी का विरोध
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के कोषाध्यक्ष इरशाद खान ने बताया कि कोटा मंडल में जारी नई कर्मचारी विरोधी नेम नोटिंग पॉलिसी से रेलकर्मचारी काफी आक्रोशित हैं। कर्मचारी के स्थानान्तरण हेतु नेम नोटिंग पॉलिसी में काफी अनियमितताएं हैं जिससे रेलकर्मचारी इस नेम नोटिंग पॉलिसी का पुरजोर तरीके से विरोध कर रहा है। यूनियन इसके खिलाफ आक्रोश आन्दोलन कर रही है।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष आम सभा को संबोधित करते हुए कॉमरेड मुकेश गालव ने बताया कि:
"नेम नोटिंग में मनमानी नहीं चलेगी, यह पूर्णरूप से कर्मचारी विरोधी नीति है, कोटा मंडल की नेम नोटिंग पॉलिसी में तत्काल सुधार कर 1 वर्ष के स्थान पर तुरन्त नेम नोट किया जाए। अन्यथा यूनियन और अधिक उग्र आन्दोलन को मजबूर होगी।"
अखिल भारतीय मांग दिवस और मुख्य मांगें
ऑल इण्डिया रेलवेमैन्स फैडरेशन के आव्हान पर आज दिनांक 02 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय मांग दिवस के उपलक्ष में पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों कोटा, जबलपुर व भोपाल में विरोध प्रदर्शन किया गया। कॉमरेड मुकेश गालव ने बताया कि इस मांग दिवस में मुख्य रूप से शामिल मांगें निम्नलिखित हैं:
- आठवां वेतन आयोग की कार्यवाही शीघ्र शुरू हो एवं संशोधित वेतन-भत्ते 1 जनवरी 2026 से लागू हों।
- पुराने पेंशनर एवं नए पेंशनर में भेदभाव नहीं हो, कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के आदेश शीघ्र जारी हों।
- विभिन्न पेंशन योजनाओं में ओपीएस समान सुविधाएं उपलब्ध हों।
- बोनस भुगतान आंकलन की सीमा रु 7000 प्रतिमाह को हटाया जाए।
- रनिंग स्टाफ के किलोमीटर भत्ते की दर में 25% से वृद्धि हो एवं इसके 70 प्रतिशत भाग को आयकर से मुक्त किया जाए।
- जीडीसीई का आयोजन करके कर्मचारियों को विभिन्न कैटेगरी में पदोन्नति का अवसर प्रदान करो।
- ट्रैक मेंटेनर की पेट्रोलिंग 12 किमी तक सीमित हो एवं उन्हें लेवल-6 प्रदान हो।
- पॉइंटसमेन के विभिन्न ग्रेडों की संरचना के आदेश शीघ्र जारी हों।
- वर्षों पुरानी एचओईआर प्रणाली समाप्त हो एवं प्रत्येक केटेगरी में 8 घंटे से अधिक की ड्यूटी न हो।
- कारखानों में आउटसोर्सिंग बंद करो एवं पदों के स्थानांतरण पर रोक लगाओ।
- एसएन्डटीए, टीआरडी सहित विभिन्न विभागों में कार्यभार के अनुसार पद उपलब्ध कराओ।
- सभी सुपरवाइजर को आरबीई 155/2022 के अनुसार लेवल-8 एवं 9 का लाभ प्रदान हो।
- विद्युत कोचिंग/आरएसी का नियंत्रण विद्युत विभाग के अधीन ही हो।
- कम्यूटेशन की अवधि 15 वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष हो।
- सीधी भर्ती कोटा के 10 प्रतिशत पदों को एलडीसीई में शामिल करके ओपन चयन आयोजित करो।
- संरक्षण कोटि के कर्मचारियों को रिस्क और हार्ड ड्यूटी भत्ता दिया जाए।
- रेल कर्मियों के माता-पिता को पास की सुविधा हो।
- रेलवे आवास एवं कॉलोनियों की पर्याप्त मरम्मत की व्यवस्था हो एवं वर्षों पुराने आवास के स्थान पर नए आवास आधुनिक सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराए जाएं।
रैली एवं ज्ञापन सौंपना
इन मांगों को लेकर आज यूनियन कार्यालय से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय मांग दिवस में शामिल मांगों के निस्तारण हेतु प्रधानमंत्री महोदय के नाम एवं नेम नोटिंग पॉलिसी रद्द करने हेतु ज्ञापन मंडल रेल प्रबंधक महोदय को कॉमरेड मुकेश गालव के नेतृत्व में यूनियन पदाधिकारियों द्वारा सौंपा गया।
उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्य
आम सभा का संचालन सहायक महामंत्री नरेश मालव ने किया तथा जोनल कोषाध्यक्ष इरशाद खान, सहायक मंडल सचिव बी.एन.शर्मा एवं जेसी बैंक डायरेक्टर देवनारायण गूर्जर ने संबोधित किया। इस अवसर पर निम्नलिखित कर्मचारी उपस्थित थे:
ज्ञान दीक्षित, ज्योति शर्मा, बबीता, संतरा, खुशबू, आई.डी.दुबे, मस्त राम, दीपक राठौर, संतोष, संजीव, नीरज मिश्रा, रमीज, नरेन्द्र, प्रशांत, बी.डी.रजक, राजमल, विकास सैन, आर.पी.मीना, मनोज गुप्ता, गौरव कश्यप, मनीष मीणा, आशीष कटारा, गोविन्द, शुगर सिंह, दिनेश, देवेन्द्र पाल, भगवान दास, राकेश, दुर्गेश, चेतराम मीणा, मनराज, पहलवान मीणा, प्रेमशंकर सहित सैंकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।

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