पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत जबलपुर में आयोजित क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की 22वीं बैठक में हाड़ौती क्षेत्र के रेल यात्रियों की बुनियादी समस्याओं और सुविधाओं के अभाव का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा। समिति के वरिष्ठ सदस्य आशीष मेहता ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार करते हुए 51 बिंदुओं का विस्तृत सुझाव पत्र महाप्रबंधक को सौंपा। इस बैठक में मुख्य रूप से उदयपुर-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस के अचानक बंद होने, कोटा जंक्शन के पुनर्विकास की धीमी गति और त्योहारों के दौरान चलाई गई विशेष ट्रेनों के कुप्रबंधन को लेकर तीखे सवाल उठाए गए।

आशीष मेहता ने उदयपुर-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस को बंद करने के निर्णय पर स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि यदि पिछली बैठक में अधिकारियों ने इसकी ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत बताई थी, तो इसे किस आधार पर और क्यों बंद किया गया। उन्होंने समिति के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और किराए की व्यावहारिक समीक्षा के साथ इस प्रीमियम ट्रेन को तत्काल बहाल करने की पुरजोर मांग रखी। कोटा के छात्रों और व्यापारियों की सुविधा के लिए उन्होंने कोटा-दिल्ली के बीच एक समर्पित ओवरनाइट ट्रेन, कोटा-बेंगलुरु त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन तथा मुंबई-पुणे रूट पर ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

त्योहारों के दौरान रेलवे के कुप्रबंधन को उजागर करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर चलाई गई स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग यात्रा से मात्र एक दिन पहले शुरू की गई, जिससे न केवल यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल सका बल्कि रेलवे को राजस्व का भी भारी नुकसान हुआ। उन्होंने भविष्य में ऐसी घोषणाएं कम से कम सात से दस दिन पहले करने का सुझाव दिया। वहीं, कोटा जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्यों की कछुआ चाल पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया और मानसून के दौरान स्टेशन पर बिखरी सामग्री को हटाने व बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

छोटे स्टेशनों की उपेक्षा और कैटरिंग व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने छोटे स्टेशनों पर भीषण गर्मी में पेयजल और शेड जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ओवरचार्जिंग और घटिया खाद्य सामग्री पर कागजी कार्रवाई के बजाय सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, दौसा-गंगापुर सिटी ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, विभिन्न प्रमुख ट्रेनों के विस्तार, रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन हेतु मिसिंग लिंक विकसित करने तथा कोटा व जबलपुर मंडल को ग्रीन कैटेगरी में शामिल करने जैसे दूरदर्शी प्रस्ताव भी रखे गए। महाप्रबंधक ने इन बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जिससे क्षेत्र के रेल यात्रियों में सुविधाओं के सुधार की एक नई उम्मीद जगी है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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