कोटा: प्रकाश रिझवानी ने चौथी बार एसडीपी डोनेट कर बचाई मरीज की जान
टीम जीवनदाता के सहयोग से केशवपुरा निवासी प्रकाश रिझवानी ने 'ओ पॉजीटिव' मरीज के लिए चौथी बार प्लेटलेट्स दान किया, वे अब तक 25 बार रक्तदान भी कर चुके हैं।

कोटा के ब्लड बैंक में मरीज की जान बचाने के लिए चौथी बार एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) डोनेट करते प्रकाश रिझवानी (नीचे) और साथ में टीम जीवनदाता के सदस्य।
कोटा। सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति बनी 'टीम जीवनदाता' निरंतर सेवा भाव से कार्य करते हुए जरूरतमंदों की मदद हेतु तत्पर है। इसी क्रम में, भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच शहर के सजग नागरिक प्रकाश रिझवानी ने चौथी बार एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) डोनेट कर एक मरीज के जीवन की रक्षा की है। टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक और लायंस क्लब कोटा टेक्नो के संयोजक भुवनेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मरीज कमला जोशी को 'ओ पॉजीटिव' एसडीपी की अत्यंत आवश्यकता थी। परिजनों द्वारा सहायता की पुहार लगाए जाने पर हमेशा सेवा हेतु तैयार रहने वाले अतुल विजय को सूचना दी गई। अतुल विजय तत्काल अपना ब्लड सेंटर पहुंचे, किंतु स्वास्थ्य के तय मानकों पर खरा न उतर पाने और हीमोग्लोबिन कम होने के कारण वे रक्तदान नहीं कर सके। इसके पश्चात उन्होंने अपनी पत्नी हेमा विजय को केंद्र बुलाया, परंतु वे भी एसडीपी डोनेट करने के नियमों के अनुरूप योग्य नहीं पाई गईं।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए केशवपुरा निवासी प्रकाश रिझवानी से संपर्क किया गया, जो सूचना मिलते ही अपनी दुकान की जिम्मेदारी अपने भाइयों विमल रिझवानी और बसंत रिझवानी को सौंपकर तुरंत ब्लड बैंक पहुंचे। प्रकाश रिझवानी ने वहां चौथी बार सफलतापूर्वक एसडीपी डोनेट की। उल्लेखनीय है कि रिझवानी इससे पूर्व भी 25 बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके हैं। इस पुनीत कार्य के पश्चात प्रकाश रिझवानी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वे सदैव मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे, क्योंकि किसी के जीवन को बचाने से बड़ा पुण्य का कार्य दूसरा कोई नहीं है। टीम जीवनदाता का लक्ष्य है कि शहर हो या शहर के बाहर, हर संभव प्रयास कर मरीज के जीवन को बचाया जाए और इसी संकल्प के कारण अपना ब्लड बैंक से अब तक किसी भी जरूरतमंद को निराश नहीं होना पड़ा है।

