गुलाल और फूलों की होली के बीच विराजे शिव-पार्वती और राधे-कृष्ण


आयोजन का विवरण

कोटा | 24 फरवरी। अंबेडकर बस्ती, कंपीटिशन कॉलोनी स्थित श्री पशुपतिनाथ महादेव मन्दिर में मंगलवार को महिला मण्डल के तत्वावधान में भव्य फागोत्सव का आयोजन किया गया। भक्ति और रंगों के इस अनुपम संगम में क्षेत्र की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिससे सम्पूर्ण मन्दिर परिसर फाग के गीतों, ढोलक-झांझ की थाप और अबीर-गुलाल की सुगंध से भक्तिमय हो उठा।

  • भजन गायक: दीप अग्रवाल ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी।
  • मुख्य अतिथि: क्षेत्रीय पार्षद भानुप्रताप गौड़ रहे।

सजीव झांकियां और आध्यात्मिक अनुभव

फागोत्सव के दौरान मन्दिर में सजी सजीव झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में कलाकारों ने शिव-पार्वती एवं राधे-कृष्ण का रूप धारण कर भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। श्रद्धालुओं ने भगवान के इन स्वरूपों के साथ फूलों की होली खेली।

"होली खेल रहे शिव शंकर गौरा के संग..", "मेरा खुल गया बाजूबंद रसिया होली में.." तथा "आज बिरज में होरी रे रसिया.."

जैसे भजनों की मधुर प्रस्तुतियों पर महिलाएं झूम उठीं।


परंपरागत शुरुआत और पुष्प वर्षा

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से पशुपति नाथ महादेव को गुलाल अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित सभी भक्तों ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा की और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। महिला मण्डल की सदस्यों ने मर्यादित एवं सांस्कृतिक वातावरण में उत्सव को संपन्न कराया।


लोकगीत और सांस्कृतिक नृत्य

फागोत्सव में पारंपरिक लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया:

  • "फागण आयो रे.."
  • "होली खेलें मसाणे में.."
  • "कान्हा संग खेलूं होली.."

शिव-पार्वती बने कलाकारों ने डमरू की थाप पर तांडव और हास्य का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया। वहीं राधे-कृष्ण की जोड़ी ने फूलों की वर्षा के मध्य रास रचाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


भक्ति का उल्लास और समापन

नृत्य के दौरान महिलाएं गुलाल उड़ाते हुए तालियों की गूंज के साथ भक्ति का उल्लास प्रकट करती नजर आईं।

उपस्थित प्रबुद्ध महिलाएं:

  • अनिता अग्रवाल
  • पूजा नागरवाल
  • सोनू शर्मा
  • मधु शर्मा समेत कंपीटिशन कॉलोनी की महिलाएं।

अंत में, सभी श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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